राजनांदगांव । सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगता सशक्तिकरण संस्थान के अधीन संचालित समेकित क्षेत्रीय केन्द्र राजनांदगांव द्वारा चिंता विकार की समझ पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ सीआरसी के निदेशक श्री कुमार राजू ने किया। जिसमें विभिन्न राज्यों से अलग-अलग पुनर्वास से सम्बंधित प्रोफेशनल, छात्र-छात्राएं कुल 93 प्रतिभागी शामिल हुए। इस वेबिनार में मुख्य वक्ता प्रोफेसर मनोवैज्ञानिक पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर डॉ. प्रियम्वदा श्रीवास्तव ने बताया कि चिंता विकार की समझ होना भी बहुत जरूरी होता है। कोविड-19 में रोगियों, गैर-रोगियों, देखभाल करने वालों और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए इसकी संक्रामक क्षमता, अभिव्यक्तियों की अनिश्चितता और रोग के निदान के बारे में बताया। इससे सामाजिक, व्यावसायिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक, आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में अफवाहों, इंटरनेट में सूचनाओं की बाढ़, दैनिक जीवन और दिनचर्या में बदलाव, आर्थिक अस्थिरता, भेदभाव, कलह, अलगाव की भावना से चिंता बढ़ जाती है। जिसका सामना मरीजों और उनके रिश्तेदारों को करना पड़ता है। जिससे व्यक्ति में आमतौर पर चिंता, चिड़चिड़ेपन, संक्रमित होने या दूसरों को संक्रमित होने का डर होता है और घबराहट, चिड़चिड़ेपन, कंपकंपी और धड़कन, सीने में तकलीफ और सांस लेने में समस्या से प्रकट हो सकती है। थकान, निराशावाद, खराब नींद और भूख, असहाय, दोषी और निराश महसूस करने वाले अवसाद से पीडि़त हो सकते हैं। वृद्धजन अधिक असुरक्षित होते हैं और उनकी विशेष देखभाल की जानी चाहिए। इस वेबिनार के कार्यक्रम समन्वयक सहायक प्राध्यापक मनोरोग चिकित्सा विभाग सीआरसी राजनांदगांव श्रीमती श्री देवी घोडिशाला ने टोल फ्री नम्बर किरण मेंटल हेल्थ रिहेबिलीटेशन हेल्पलाईन (एमएचआरएच) -18005990019 की जानकारी दी। जिसमें कोरोना काल में किसी भी प्रकार के मेंटल हेल्थ से सम्बंधित समस्या का फोन करके कोई भी व्यक्ति किसी भी समय नि:शुल्क टोल फ्री नम्बर से सुझाव ले सकते हैं।
