साल 2009 में बोमन ईरानी अभिनीत एक मूवी आई थी ‘वेलडन अब्बा’। मूवी में गांव में सरकारी रुपयों से बावड़ी (कुआं) का निर्माण कराया जाता है, लेकिन मौके पर वह मिलती ही नहीं। वह चोरी की FIR दर्ज कराने थाने जाते हैं। ऐसा ही कुछ मामला छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में भी सामने आया है। यहां पंचायत ने 1.96 लाख रुपए से नाली और कूड़ेदान का निर्माण कराया। ग्रामीण देखने पहुंचे तो मिला ही नहीं। इसके बाद ग्रामीण चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंच गए। हालांकि उन्हें जनपद पंचायत भेज दिया गया।

ग्रामीण चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंच गए।
दरअसल, मैनपुर जनपद के बुरजाबहाल पंचायत के ग्रामीण वीर सिंह बघेल, कमलधर नागेश, केशरी साहू और दया मांझी सहित अन्य लोग देवभोग थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने थाना प्रभारी को चोरी की FIR दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। इसमें बताया कि उनके गांव में बनाई गई नाली और कूड़ेदान चोरी हो गया है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की मदद चाहिए। संभवत: यह पहला मामला होगा, जब सरकारी धन से कराए गए निर्माण कार्य को ढूंढने के लिए पुलिस की मदद मांगी गई।
जून में निर्माण कार्य कराकर एजेंसी को भुगतान भी कर दिया
पुलिस को दिए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि 14वें वित्त मद से इसी साल 6 जून को नाली निर्माण की एवज में हिमाती ट्रेडर्स को 1.56 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। पंचायत रिकार्ड में बताया गया है कि यह भुगतान छवि घर से इमली पेड़ और देवगुड़ी से नाला तक नाली निर्माण कार्य के लिए किया गया है। ऐसे ही 40 हजार रुपए का भुगतान बरबहाली सरपंच पुनीत राम सिन्हा की फर्म को कूड़ेदान निर्माण के लिए खरीदे गए मेटेरियल के लिए किया गया है, पर वहां दोनों ही निर्माण कार्य नहीं मिले।

ग्रामीणों ने बताया कि 14वें वित्त मद से इसी साल 6 जून को नाली निर्माण की एवज में हिमाती ट्रेडर्स को 1.56 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।
सरपंच और सचिव जिद पर अड़े रहे कि काम हुआ है
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच प्रमिता नेताम और सचिव उपेंद्र नेताम से काम दिखाने को कहा गया तो वह आनाकानी करते रहे। फिर जिद पर अड़ गए कि काम हुआ है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जनपद पंचायत CEO नरसिंह ध्रुव से भी की, पर उनकी आशंका दूर नहीं हुई। इस पर सभी ग्रामीण सरकारी निर्माण कार्य के चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंच गए। मामला निर्माण कार्य के नाम पर गड़बड़ी का था, इसलिये थाना प्रभारी हर्षवर्धन बैस ने ग्रामीणों को जनपद पंचायत में शिकायत करने की सलाह दी।
ग्रामीणों ने कहा- जांच में और मामले खुलेंगे, सचिव बोला- बाद में करा देंगे काम
ग्रामीणों ने बताया कि फर्जी प्रस्ताव के आधार पर रुपए निकाले गए। जब काम ही नही हुआ तो मूल्यांकन कैसे हो गया। ग्रामीणों ने सचिव उपेंद्र नेताम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कहा कि जांच होगी तो और मामले भी खुलेंगे। वहीं सचिव उपेंद्र नेताम का कहना है कि नाली निर्माण के मैटीरियल से अभी सड़क बनाई जा रही है। इसके बाद नाली निर्माण करा देंगे। कूड़ादान को लेकर कुछ नहीं कहा। सफाई जरूर दी कि लॉकडाउन के कारण काम आगे-पीछे हो गए हैं, लेकिन कराए सब जाएंगे।
