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राजनांदगांव। बिसाहूटोला में सरकारी जमीन से कब्जा हटवाने गांव के सैकड़ों महिला व पुरुष ग्रामीण चिचोला पुलिस चौकी पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने जमीन से कब्जा हटवाने गुहार लगाई। मामला छुरिया ब्लाक के बिसाहूटोला गांव का है, जहां शासकीय जमीन में कब्जा और मनरेगा जैसे शासकीय कार्य में बांधा पहुंचाने को लेकर ग्रामीण आक्रोशित है।
ग्रामीणों ने कहा कि शासकीय भूमि खसरा नंबर 22 रकबा 0. 640 हेक्टेयर में नया तालाब बनाने शासन से मांग की गई है। यहां 11 डिसमिल जमीन में बापूटोला में रहने वाले व्यक्ति का कब्जा है।मनरेगा में तालाब निर्माण काम की शुरुआत होते ही कब्जेधारी ने स्टे लगा दिया। जिसको लेकर गांव वालों ने शासकीय भूमि का सीमांकन करने आवेदन किया, जिसमें छुरिया आरआई और पटवारी ने सीमा माप किया। इसमें 11 डिसमिल जमीन पर कब्जा पाया गया। उसके बाद तालाब निर्माण कार्य फिर शुरू हुआ, लेकिन दो हफ्ते बाद कब्जाधारी ने फिर रोक लगा दी।
दोबारा आवेदन करने पर छुरिया तहसीलदार ने नाप कर कब्जा बताया। तहसीलदार ने कब्जा को हटाने का आदेश भी दिया, लेकिन आदेश की अवहेलना कर कब्जा नहीं हटाया और बन रहे तालाब में धान की बुवाई कर कब्जा जमाए रखा। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बीते 13 जुलाई को तीन दिन के भीतर कब्जा हटवाने कहा था और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने पर कार्रवाई की मांग की थी। पर पुलिस ने ग्रामीणो के खिलाफ ही शिकायत दर्ज कर मामले को उल्टा कर दिया, जिसके विरोध में ग्रामीण पुलिस चौकी पहुंचे थे।
मामले में चिचोला पुलिस चौकी प्रभारी आरएस सेंगर ने कहा कि राजस्व विभाग का मामला है। इसलिए गांव वालों को समझाइश दिए है। फसल को मवेशियों से चराने की शिकायत पर गांव के पांच -छह लोगों पर मामला दर्ज किए थे।
