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20 गांवों के 662 परिवारों को फायदा, इंदौर–उज्जैन सड़क परियोजना में हरी झंडी

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इंदौर

इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन सड़क का काम जल्द प्रारंभ होने जा रहा है। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा मिलने और निर्माण संबंधी समस्याओं के निराकरण के बाद प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

किसानों ने  रेसिृीडेंसी कोठी पहुंचकर कलेक्टर शिवम वर्मा को साफा पहनाया और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके माध्यम से मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता जताई। किसानों ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मिला मुआवजा उनके लिए आर्थिक रूप से सहायक सिद्ध होगा और क्षेत्रीय विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है कि इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड अब एलिवेटेड की बजाय जमीनी स्तर पर बनाई जाएगी। भोपाल में किसानों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इंदौर–उज्जैन एक महत्वपूर्ण मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, इसलिए परियोजना किसानों के सुझावों के अनुरूप क्रियान्वित की जाएगी। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है।

इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। कुल 20 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है। प्रभावित किसानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए बिक्री छाँट प्रक्रिया अपनाई गई है। अब तक अधिग्रहित भूमि के बदले 626 करोड़ की मुआवजा राशि मंजूप की जा चुकी है। इससे 662 खातेदार और परिवार लाभान्वित होंगे। मुआवजा वितरण की प्रोसेस भी प्रारंभ हो गई है।

इन गांवों की भूमि अधिग्रहित प्रोजेक्ट के तहत हातोद और सांवेर तहसील के बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूड़ी सरवर, जिन्दाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबी खेड़ी, पिपलिया कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेडिया, रंगकराडिया, कछालिया, बलघारा, पोटलोद, टुमनी, मगरखेड़ी, चित्तौड़ा, बालरिया और रालामंडल सहित कुल 20 गांव शामिल हैं।

सिंहस्थ और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा यह सड़क बेहतर और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी तथा औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को गति देगी। सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भी यह मार्ग महत्वपूर्ण साबित होगा। परियोजना में दोनों ओर सर्विस रोड, अंडरपास और आवश्यक डक्ट निर्माण का प्रावधान रखा गया है, जिससे यातायात सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा। इस अवसर पर अंजुम पटेल, भेरू सिंह राठौड़, संदीप चौधरी, देव चंदेल, ललित शर्मा सहित अन्य किसानों ने प्रोजेक् को क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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