राजनांदगांव , शहर में सड़कों की हालत दयनीय है। शहर की मुख्य सड़कों पर गड्ढे और उखड़ी डामर की परतें वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। दूसरी ओर, नगर निगम द्वारा जगह-जगह इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि जब जरूरी सड़क मरम्मत लंबित है, तो प्राथमिकता इंटरलॉकिंग को क्यों दी जा रही है। हालांकि निगम के अफसरों का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण की वजह से यह काम कराया जा रहा है। टीम को दिखाने और रेटिंग में पाइंट लेने के लिए इस मद से राशि जारी की गई है।
गंभीर बात तो यह है कि बरसात के बाद से कई हिस्सों में पैचवर्क तक पूरा नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर, नगर निगम द्वारा विभिन्न वार्डों में इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। नागरिकों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि जब मुख्य मार्गों की हालत खराब है, तो प्राथमिकता इंटरलॉकिंग को क्यों। गड्ढों से बचने वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ रही है। , कई वार्डों में ऐसी जगहों पर इंटरलॉकिंग कराई जा रही है जहां उसकी जरूरत ही नहीं है। गंज चौक और गंज मंडी के सामने तो आवश्यकता ही नहीं थी, बावजूद यह काम कराया गया।
शहर के विभिन्न स्थानों पर इंटरलॉकिंग का काम जारी है। इसमें कलेक्टर बंगले से दीपिका स्कूल वाली सड़क के किनारे यह काम चल रहा है। दिग्विजय स्टेडियम के सामने इंटरलॉकिंग की जा रही है। गंज चौक से टायर दुकान तक इंटरलॉकिंग की गई है, जबकि यहां भारी वाहनें रुकती हैं। वहीं गंज मंडी के सामने कुछ स्थानों पर इंटरलॉकिंग हो रही है। यहां फुटपाथ पर पाथवे बनाने की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही। शहर के रानी सागर के किनारे क्रेडा के उद्यान से लगे स्थान पर इंटरलॉकिंग जारी है, जबकि यहां की सड़क की हालत पहले से खराब है।



