राजनांदगांव , राइस मिलर्स ने आज तक विगत वर्ष का 63 हजार मीट्रिक टन चावल जमा नहीं किया है। इस कारण हितग्राहियों को पीडीएस की दुकानों से बिना चावल और शक्कर खाली हाथ लौटना पड़ रहा। इसी माह में फरवरी और मार्च का चावल एक साथ वितरण किया जाएगा। लेकिन नॉन के गोदामों में चावल का भंडारण करने जगह कम होने से यह स्थिति बनी। गोदामों और पीडीएस की दुकानों में चावल और शक्कर का सही समय पर पर्याप्त भंडारण नहीं हो पाया। इसका खामियाजा अब हितग्राहियों को भुगतना पड़ रहा है।
हितग्राहियों को फोर्टिफाइड चावल नहीं मिलेगा। सामान्य चावल का एक साथ दो माह के राशन का वितरण किया जाएगा। कस्टम मिलिंग की व्यवस्था बिगड़ने का असर पीडीएस से चावल वितरण पर दिख रहा है। फोर्टिफाइड चावल बनाने में लगने वाली अतिरिक्त राशि को बचाने शासन हितग्राहियों को सामान्य चावल वितरण करने की तैयारी में है। अवैध और बाहरी धान को रोकने राइस मिलर्स के उठाव को ब्रेक किया गया था। मिलिंग नहीं होने से नॉन के गोदामों चावल जमा नहीं हुआ। अब दो माह का चावल एकमुश्त देने मांग के मुकाबले भंडारण नहीं है।
जिले के 43 मिलर्स ने चावल जमा नहीं किया पीडीएस के तहत जिले में हर माह लगभग 85 हजार क्विंटल चावल वितरण किया जाता है। फरवरी-मार्च का एक साथ वितरण करने एक लाख 70 हजार क्विंटल चावल चाहिए। इसके मुकाबले विगत दिनों के स्टॉक मात्र 49 हजार क्विंटल को पीडीएस की दुकानों में भंडारित किया गया। विगत वर्ष 3 लाख 15 हजार मीट्रिक टन चावल नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में जमा करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले करीब 2 लाख 52 हजार मीट्रिक टन करीब 80 फीसदी चावल जमा होने के साथ वितरण होता गया।
आवंटन नहीं मिलने के कारण वितरण भी नहीं मिलर्स का कहना है कि वे धान उठाव और मिलिंग करने तैयार हैं, लेकिन सोसायटियों से धान समय पर नहीं मिलने से व्यवस्था गड़बड़ा गई है। जिले में करीब 43 मिलर्स ऐसे हैं जिन्होंने पिछले सीजन का करीब 43 राइस मिलर्स ने 63 हजार मीट्रिक टन चावल जमा नहीं किया है। इस कारण मांग के अनुरूप गोदामों में चावल नहीं है। अव्यवस्था का असर गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों पर पड़ रहा है, जो पीडीएस से मिलने वाले राशन पर निर्भर है।




