
– महापौर मधुसूदन यादव हुए शामिल
– आवासीय परिसर एवं अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली के क्षेत्र में बनें आत्मनिर्भर : कलेक्टर
– अतिरिक्त बिजली के उत्पादन से घरेलू उपभोक्ता को मिलेगा निरंतर लाभ – महापौर मधुसूदन यादव
– प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना हेतु प्रोत्साहित करने के लिए जनमानस को करें जागरूक
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन के अंतर्गत चेंबर ऑफ कॉमर्स, समाजसेवी, व्यापारी संघ, बिल्डर्स, कॉलोनाइजर्स और कॉलोनियों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर विशेष रूप से महापौर मधुसूदन यादव शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में प्रजेंटेशन और वीडियो के माध्यम से जानकारी दी गई।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि नागरिकों को बिजली बिल से निजात दिलाने के लिए शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घर की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि नेट मीटर के माध्यम से हितग्राही को सोलर प्लांट से प्राप्त बिजली तथा विद्युत विभाग के स्मार्ट मीटर के माध्यम से ऊर्जा के उपयोग के संबंध में सही जानकारी मिलेगी। जिससे बिजली के बिल में कमी होने के साथ ही बिजली की बचत भी होगी। उन्होंने कहा कि बिजली की बचत होने तथा नि:शुल्क बिजली मिलने पर इसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत पंजीयन तथा वेंडर सलेक्शन स्वयं कर सकते हैं। आवासीय परिसर में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर उपभोक्ताओं को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूर्णत: ऑनलाईन है एवं आवेदक स्वयं वेंडर का चयन कर सकते हैं। रूफटॉप सोलर प्लांट का ग्रिड से संयोजन नेट मिटरिंग के माध्यम से बिजली के उपयोग के संबंध में जानकारी ले सकते है। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। इस योजना के तहत हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है और बिजली का ज्यादा उत्पादन होने से उसे बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनमानस एक किलोवाट, दो किलोवाट एवं तीन किलोवाट तक रूपटॉप सोलर प्लांट लगा सकते है। शासन की ओर से एक किलोवाट में 45 हजार रूपए, दो किलोवाट में 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवाट में 1 लाख 8 हजार रूपए का अनुदान मिलेगा। अतिरिक्त बिजली का उत्पादन तथा उसकी बिक्री से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लाभ होगा। सीएसपीडीसीएल के ग्रिड में संरक्षित कर आगामी माह के उपयोग हेतु उपलब्ध रहेगी। जिसका फायदा लाभार्थी घरेलू उपभोक्ता को निरंतर प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने सभी को अपने-अपने घरों, सोसायटी एवं कॉलोनियों में प्राकृतिक ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए सोलर पैनल लगाने के लिए अपील की।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि प्राकृतिक ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लाई गई है। जिससे विद्युत का उपयोग कर अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर विक्रय कर सकते हैं। जिससे अच्छा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा 1 लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ सभी को लेना चाहिए। सोलर पैनल से प्रदूषण संरक्षण और आर्थिक संपन्नता है। इससे किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सोलर पैनल लगाने से आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो सकते हैं। इससे बिजली का बिल शीघ्र ही शून्य हो जाएगा। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित नागरिकों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग करने के लिए सोलर पैनल लगाने के लिए आव्हान किया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुरूचि सिंह, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष कमलेश बैद सहित कॉलोनियों के प्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यापारी संघ, बिल्डर्स और कॉलोनाइजर्स उपस्थित थे।





