अंबिकापुर । उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़कों के निर्माण एवं संधारण कार्यों का गुणवत्ता परीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला सरगुजा के विकासखंड मैनपाट एवं बतौली में निर्माणाधीन तथा संधारणाधीन सड़कों का निरीक्षण किया गया।
मुख्य अभियंता शर्मा ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी स्तर पर तकनीकी मानकों से समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्रत्येक अवस्था में संबंधित अभियंता द्वारा सामग्री की गुणवत्ता, परत की मोटाई, कम्पैक्शन तथा सड़क प्रोफाइल का परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही त्रुटियों का सुधार संभव हो सके। साथ ही सभी गुणवत्ता परीक्षणों के अभिलेखों का विधिवत संधारण भी अनिवार्य रूप से किया जाए।
तकनीकी त्रुटि पाए जाने पर तत्काल सुधार के निर्देश
विकासखंड बतौली अंतर्गत सल्याडीह से टिकरापारा मार्ग (लंबाई 1.5 किमी) के निरीक्षण के दौरान प्रगतिरत WMM कार्य में लगभग 600 मीटर लंबाई में तकनीकी सुधार की आवश्यकता पाई गई। इस पर मुख्य अभियंता ने संबंधित हिस्से को स्कारिफाई कर निर्धारित कैम्बर एवं प्रोफाइल के अनुरूप नवीन WMM सामग्री से पुनः निर्माण कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि संबंधित उप अभियंता के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।
मेंटेनेंस कार्यों की भी समीक्षा
मुख्य अभियंता ने विकासखंड बतौली अंतर्गत बतौली बगीचा मार्ग से बॉसझाल मार्ग के संधारण कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार बतौली बगीचा मार्ग से स्कूलपारा मार्ग में निर्धारित मेंटेनेंस कार्य नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए सड़क की संधारण अवधि में छह माह की वृद्धि कर आवश्यक रख-रखाव कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन ठेकेदारों द्वारा निर्धारित मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किया जाएगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा संधारण अवधि बढ़ाकर कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने दोहराया कि सड़क निर्माण कार्य सीधे ग्रामीणों के जनजीवन से जुड़ा है। अतः निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा संधारणाधीन सड़कों के नियमित रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गुणवत्ता में कमी या मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित ठेकेदार एवं उत्तरदायी अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता एवं उप अभियंता उपस्थित रहे।



