राजनांदगांव, किसानों को राहत देने सरकार ने 5 और 6 फरवरी को दो दिन अतिरिक्त धान खरीदी की। इसमें 5 फरवरी को जिले में केवल 59 किसानों ने धान बेचा। वहीं दूसरे दिन 6 फरवरी को जिले में कोई किसान धान बेचने नहीं पहुंचा जबकि केसीजी जिले में केवल 1 किसान धान बेचने पहुंचा। अंतिम दिन होने के कारण एमएमसी (मोहला-मानपुर-चौकी) और कबीरधाम जिले में बड़ी संख्या में किसान धान बेचने पहुंचे थे। समर्थन मूल्य में अंतिम तिथि 30 जनवरी तक धान बेचने से वंचित रहे किसानों को दो दिन तक दूसरा मौका दिया गया था।
शासन की गाइड लाइन अनुसार तीन कंडिशन में पात्रता रखने वाले किसानों से खरीदी की गई। इसी के साथ अब धान खरीदी थम गई है। अब खरीदी केन्द्रों में जाम पड़े धान का उठाव करने फोकस किया जाएगा। इसके लिए पहले ही 3 लाख क्विंटल का डीओ और टीओ जारी कर उठाव शुरू कर कर जिले में बने चार संग्रहण केन्द्रों में धान को सुरक्षित किया जा रहा है। अफसरों ने बताया कि बाहरी और अवैध धान की फर्जी रोकने उठाव को ब्रेक किया गया था। वहीं अब जरूरत अनुसार अवकाश के दिनों में भी उठाव किया जाएगा।






