पात्र हितग्राहियों को किया जा रहा है राशन वितरण
रायपुर, रायपुर जिले में दो उचित मूल्य के दुकानों में अनियमितता पाये जाने पर वसूली की कार्यवाही की गई है। साथ ही प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक वैधानिक कदम उठाए जा रहे हैं।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दो उचित मूल्य के दुकानों के विरुद्ध अनियमितताओं की पुष्टि होने पर उनसे वसूली हेतु आरआरसी जारी कर राजस्व वसूली की कार्यवाही की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को राशनकार्ड के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। वहीं फिंगर प्रिंट न आने की स्थिति में हितग्राहियों को नामिनी के माध्यम से अथवा ओटीपी आधारित सत्यापन द्वारा राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कोई भी पात्र हितग्राही खाद्यान्न से वंचित न रहे। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा फेस ई-केवाईसी की सुविधा भी लागू की गई है, जिससे वृद्ध, असहाय एवं अस्वस्थ राशनकार्डधारी घर बैठे ही सत्यापन कर सकते हैं।
रायपुर जिले में उचित मूल्य दुकानों से कम पाए गए खाद्यान्न की जांच व नियमानुसार कार्रवाई कर शासन को संभावित आर्थिक क्षति से बचाया गया है। सितंबर 2022 के भौतिक सत्यापन में अंतर पाई गई 08 उचित मूल्य दुकानों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज किया जा चुका है। सत्यापन में 2289.07 क्विंटल चावल, 19.75 क्विंटल शक्कर एवं 31.17 क्विंटल नमक की वसूली शेष है।
वहीं मार्च 2024 के भौतिक सत्यापन में स्टाफ में अतंर पाई गई 03 उचित मूल्य दुकानों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज किया गया है। इन उचित मूल्य के दुकानों से 1924.65 क्विंटल चावल, 26.19 क्विंटल शक्कर एवं 39.15 क्विंटल नमक की वसूली शेष है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना तथा हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियम उल्लंघन पर कठोर कार्यवाही जारी रहेगी।





