राजनांदगांव । जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम जामसरारखुर्द में एक समय जब पानी की चिंता के साथ दिन की शुरूआत होती थी। ग्रामीण महिलाओं को घर का कार्य छोड़कर दूर तक पानी की व्यवस्था के लिए जाना पड़ता था। ग्रीष्म ऋतु में तो हालात और भी कठिन हो जाते थे, लेकिन शासन के जल जीवन मिशन ने इस गांव की रोजमर्रा की कहानी बदल दी है। अब ग्राम जामसरारखुर्द में सुबह नल खोलने से शुरू होती है। ग्रामीण महिलाओं को घर का कार्य छोड़कर पानी की व्यवस्था के लिए परेशानी नहीं होती है। योजना के तहत नल के माध्यम से ही घर पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव में बने 12 मीटर ऊंचे एवं 40 किलोलीटर क्षमता वाले जलागार से पूरे गांव में शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। राइजिंग मेन और लंबी वितरण पाइपलाइन के जरिए पानी हर गली, हर घर तक पहुंचाया गया है। गांव के कुल 133 घरों में नल कनेक्शन लगने से अब पानी के लिए किसी को इंतजार नहीं करना पड़ता है। योजना के तहत बोरवेल, सबमर्सिबल पंप, क्लोरीनेशन व्यवस्था और इलेक्ट्रोक्लोरीनेशन सिस्टम की स्थापना से पानी की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की गई है। इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां कम हुई हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा महिलाओं के समय में बड़ा बदलाव आया है। कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम को हर-घर-जल प्रमाणित किया गया और संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई। जल जीवन मिशन से ग्राम जामसरारखुर्द की दिशा और दशा बदली है तथा ग्रामीणों का जीवन आसान हुआ है।






