राजनांदगांव, योग वेदांत सेवा समिति एवं पूज्य सिंधी पंचायत हेमू कालाणी नगर के तत्वावधान में लालबाग स्थित सिंधु भवन में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम किया गया। माता-पिता को ऊंचे आसन में बिठाकर उनकी पूजा अर्चना की गई। फिर आरती की थाली लेकर माता-पिता की आरती की गई। यह भावविभोर दृश्य देख माता-पिता के साथ बच्चों के आंखों से आंसू बहने लगे। इस सुंदर आयोजन में अध्यक्ष पूज्य सिंधी पंचायत हेमू कालाणी नगर मन्नूमल मोटलानी, अध्यक्ष सिंधी पंचायत झूलेलाल नगर ब्रम्हानंद बजाज, पूर्व पार्षद गुरुमुखदास वाधवा, लोकचंद लहरवानी, आवतराम तेजवानी, अर्जुनदास पंजवानी, प्रकाश वाधवानी, लक्ष्मीचंद आहूजा सहित गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
योग वेदांत सेवा समिति राजनांदगांव के अध्यक्ष रोहित चंद्राकर व कोषाध्यक्ष टीके चंद्राकर ने बताया कि वर्ष 2006 में 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने की पहल की गई थी, जो आज भारत सहित 200 देशों में इस दिवस को मना रहे हैं। यह अभियान एक व्यापक रूप ले लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस पर्व की सराहना करते हुए प्रतिवर्ष इसे मनाने की घोषणा की है। कार्यक्रम में सम्मिलित पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष मन्नूलाल मोटलानी ने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे उनका आदर करें और जीवन में सफल होकर नाम रोशन करें। आज के समय में मातृ-पितृ पूजन जैसे कार्यक्रम बच्चों को पतन से उत्थान की ओर ले जा रहा है। बच्चों का भविष्य उज्ज्वल तो हो ही रहा है साथ ही माता-पिता का हृदय भी बच्चों के लिए अपार आशीर्वाद से भरा होता है। माता-पिता के आशीर्वाद से ही सच्ची सफलता मिलती है।
माता-पिता ने अपने बच्चों को हृदय से लगा लिया बाल संस्कार विभाग व युवा सेवा संघ के प्रमुख संजय साहू ने बताया कि आज के सुंदर आयोजन में बच्चों ने माता-पिता को आसन पर बिठाकर फूल-मालाएं पहनायीं, तिलक किया और हाथों में पूजा की थाली लेकर पूजा-अर्चना की। फिर माता-पिता ने बच्चों को हृदय से लगा लिया और शुभ आशीष दी। उपस्थित लोगों के हृदय से स्वीकारा की ऐसे दिन को बड़े भव्यता के साथ सभी को करना चाहिए। भारतीय परम्परा की इस झलक को देखकर माता-पिता सहित उपस्थित लोगों की भी आंखें नम हुईं।






