राजनांदगांव , कांग्रेस पार्टी व्दारा चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत शनिवार को राजनांदगांव ब्लाक के ग्राम भर्रेगांव से पदयात्रा की शुरुआत की गई। इस जन आंदोलन की अगुवाई प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज ने की। उनके साथ प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। भर्रेगांव से शुरू हुई यह पदयात्रा मोखला, आरला, बुची भरदा, कोटराभाटा होते हुए लगभग 7 किलोमीटर का सफर तय कर सुरगी पहुंची।
मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने पदयात्रा का स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कांग्रेस झंडे लहराते रहे और भाजपा सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारे गूंजते रहे। पदयात्रा के अंतिम पड़ाव सुरगी में आयोजित विशाल जनसभा में ग्रामीण, श्रमिक और मनरेगा हितग्राही शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। कहा मोदी सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी है। मनरेगा को कमजोर करना साजिश का हिस्सा है।
इस दौरान विधायक दलेश्वर साहू, भोला राम साहू, हर्षिता बघेल, शाहिद भाई, दीपक दुबे, दीपक मिश्रा, थानेश्वर पाटिला, बृजेश शर्मा, गिरीश देवांगन, छन्नी साहू, भुनेश्वर बघेल, भागवत साहू, रमेश राठौर, कुतुबुद्दीन सोलंकी, पदम कोठारी, नवाज खान, रूपेश दुबे, मेहुल मारू, आफताब आलम, हेमा देशमुख, संतोष पिल्ले, चेतन भानुशाली, महेंद्र यादव, विभा साहू, इकरामुद्दीन सोलंकी, कमलजीत पिंटू, अशोक पंजवानी, राहुल तिवारी मौजूद रहे।
इस मुद्दे पर सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस: फंड खत्म होने पर या फसल, मौसम का हवाला देकर मजदूरों को महीनों रोजगार से दूर रखा जा सकेगा। यह न सिर्फ मनरेगा की आत्मा के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना पर भी सीधा प्रहार है। बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को खत्म करने की इस साजिश के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी और मजदूरों के हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी। उन्होंने कहा राज्य में 14 चूहे है जो धान खा रहे है। एक ओर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है तो दूसरी ओर केंद्रों से करोड़ों का धान गायब हो रहा है।
यह बड़ी योजना को खत्म करने साजिश दीपक बैज ने कहा सुधार का नाम लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक ऐसा बिल पारित कराया है, जो दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को खत्म करने का रास्ता खोलता है। केंद्र सरकार तभी राशि जारी करेगी, जब राज्य पहले 50 प्रतिशत मैचिंग ग्रांट जमा करें। यह व्यवस्था जान बूझकर मनरेगा को असफल बनाने के लिए लाई गई है।






