राजनांदगांव , शहर में गंदे पानी की सप्लाई ने लोगों को हलाकान कर दिया है। नवागांव, ममता नगर, लेबर कालोनी, राजीव नगर सहित कई हिस्सों में ऐसी शिकायतें बनी हुई है। नलों से पानी के लिए कीड़े बाहर आ रहे हैं। बर्तन में गंदगी जम रही है। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी इनमें सुधार नहीं हो पा रहा है।
गंदे पानी की बड़ी वजह अमृत मिशन प्रोजेक्ट में हुई लापरवाही भी बनी है। दरअसल निर्माण कंपनी को जिन हिस्सों में नई पाइप लाइन बिछानी थी, वहां पुरानी लाइनों को ही ओवरहेड टंकियों से इंटरकनेक्ट कर दिया गया है। नई बताकर पुरानी लाइनों से ही पानी की सप्लाई शुरु कर दी। अब पुरानी लाइनों में आ रही लीकेज की वजह से शहर के कई हिस्सों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है।
ओवरहेड टंकियों की सफाई भी कराई गई। लेकिन फिर भी हालात नहीं बदले। कुछ हिस्सों में दो से तीन महीने से ऐसी समस्या बनी हुई है। पीने के पानी का दूसरा विकल्प नहीं होने की वजह से लोग कीड़े और गंदगी के साथ आ रहे पानी का इस्तेमाल करने मजबूर हैं। निगम की टीम सुधार के नाम पर खुदाई कर पाइप लाइन की जांच कर रही है। लेकिन अब तक राहत नहीं मिल पाई है।
ममता नगर : वार्ड के बड़े हिस्से में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही। पार्षद सहित लोगों ने 24 दिसंबर को शिकायत कर तत्काल सुधार की मांग की थी। लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है। नलों से कीड़े भी बाहर आ रहे हैं। नवागांव : बीड़ी श्रमिक आवास हिस्से में गंदे पानी की सप्लाई हो रही। यहां भी नलों से पानी के साथ मिट्टी की मोटी परत और गंदगी आने की शिकायत निगम में हो चुकी हैं।
मजबूरी में गंदे पानी का इस्तेमाल पीने कर रहे। राजीव नगर : करीब तीन महीने से गंदे पानी की शिकायत बनी हुई है। निगम ने सर्वे कर सुधार भी किया। कुछ दिनों तक सप्लाई ठीक रही, इसके बाद दोबारा यहां नल के पानी में लारवा निकलने की शिकायत बनी हुई है। सहदेव नगर : करीब चार महीन से पानी के साथ मिट्टी की महीन परत आ रही है। जो गंदगी जैसी बर्तन में जम कर रही है। बारिश व बाढ़ को इसकी वजह बताई जा रही थी। लेकिन सामान्य मौसम में भी सुधार नहीं हुआ है।
जल प्रभारी का दावा सुधार कर लिया गया निगम के जल विभाग के प्रभारी प्रणय मेश्राम ने कहा कि ममता नगर इलाके में जरुरी सुधार कर लिया गया है। समस्या खत्म हो गई। कुछ जगहों पर पुरानी लाइन से सप्लाई हो रही है। जिसकी भी जांच की गई है। राजीव नगर में भी सप्लाई साफ है।
पेयजल की सप्लाई में बड़ी लापरवाही वाटर फिल्टर प्लांट में भी बनी हुई है। प्लांट के कर्मचारियों की मानें तो नियमित रुप से पर्याप्त एलम का स्टॉक प्लांट में मौजूद नहीं रहता। जिन्हें एलम सप्लाई का काम दिया गया है, वह लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। पूर्व में एलम की कमी से दो टाइम सप्लाई रोकनी भी पड़ी थी। निजी कंपनी को प्लांट की जिम्मेदारी देने और एलम सप्लाई की सख्त मानिटरिंग नहीं होने से भी गंदे पानी की स्थिति बनी है।
सुधार के लिए खोदी लाइन तो सामने आ रही गड़बड़ी: लगातार गंदे पानी की शिकायत के बाद निगम ने पाइप लाइनों में लीकेज की जांच के लिए खुदाई शुरु की। इसमें अमृत मिशन के पाइप लाइन िबछाने में हुई गड़बड़ी सामने आ रही है। ममता नगर के कई हिस्सों में नई पाइप लाइन बिछाई ही नहीं गई है। पुरानी लाइनों को ही ओवरहेड टंकियों से इंटरकनेक्ट कर सप्लाई शुरू कर दी गई है।







