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मध्य प्रदेश में मावठा का असर, ठंड बढ़ाएगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, मौसम में बदलाव

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भोपाल:
 मध्य प्रदेश में करीब दो हफ्ते तक कड़ाके की ठंड के बाद लोगों को राहत मिलती दिख रही है. दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है. लेकिन रात और सुबह के वक्त अब भी ठंड का असर बना हुआ है. हालांकि एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस एमपी की तरफ बढ़ता दिख रहा है, जिसकी वजह से पहाड़ों पर बर्फबारी होगी, इसका सीधा असर एमपी में मावठा गिरने के रूप में सामने आएगा. जिससे ठंड एक बार फिर से बढ़ सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक 19 या 20 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की संभावना है.

जिसके बाद भोपाल, ग्वालियर चंबल और जबलपुर डिवीजन में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसी दौरान मावठा गिरने का भी आसार हैं. मध्य प्रदेश में सर्दी का सीजन आखिरी दौर में पहुंच रहा है, लेकिन इस बार अब तक मावठा नहीं गिरा है. ठंड के आखिरी दौर में हल्की से मध्यम बारिश रबी फसलों में विशेषकर गेहूं, चना, सरसों और मसूर के लिए बोनस साबित होगी.

शहडोल सबसे ठंडा इलाका रहा

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके बावजूद शहडोल जिले का कल्याणपुर एक बार फिर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में भी रातें ठंडी बनी हुई हैं, हालांकि पहले जैसी कंपकंपाने वाली सर्दी नहीं रही।

कोहरा अभी भी बढ़ा रहा लोगों की मुश्किलें

राजधानी भोपाल में रात का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया. हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री, इंदौर और ग्वालियर में भी पारा 7-8 डिग्री के आसपास रहा. उज्जैन और जबलपुर में भी सर्दी का असर कम हुआ है. शीतलहर भले ही कमजोर पड़ी हो, लेकिन कोहरा अभी भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. राजगढ़, सतना, सीधी, दतिया, ग्वालियर, रतलाम और खजुराहो में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा. मौसम विभाग की तरफ से श्योपुर, मुरैना, भिंड, आगर-मालवा, मंदसौर, राजगढ़ और नीमच समेत करीब आठ जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की गई है. 

मौसम के पीछे क्या है कारण

भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, इस समय पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम हवाओं का असर बना हुआ है. सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम की सक्रियता के कारण वातावरण शुष्क है, जिससे रात में ठंड बनी रहती है. हालांकि आने वाले दिनों में सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे स्थिरता आने की संभावना जताई जा रही है. 

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