राजनांदगांव, बीते 24 घंटे में जिले में चाकूबाजी की तीन गंभीर घटना हुई है। इनमें 7 लोग घायल है। वहीं वारदात को अंजाम देने वाले सभी आरोपी फरार हैं। जिनकी पतासाजी जारी होने का दावा पुलिस कर रही है।
पहली घटना सुकुलदैहान चौकी क्षेत्र के ग्राम बरगाही में शनिवार रात 8 से 9 बजे के बीच हुई। गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान नाबालिग आरोपी का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया। कुछ देर में आरोपी चाकू लहराते हुए युवक से मारपीट करने लगा। जिसे देखकर आसपास के लोग बचाने पहुंचे। लेकिन नाबालिग आरोपी ने दोनों हाथ में चाकू लेकर पांच लोगों पर गंभीर वार किए। घटना में एक शुभम विश्वकर्मा नामक युवक को गंभीर चोटें आई है, जिसे रायपुर रेफर किया गया है। वहीं चार अन्य घायलों को मेडिकल कॉलेज हास्पिटल में प्राथमिक उपचार दिया गया है। आरोपी मौके से फरार हो गया है। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। रात में ही पुलिस चौकी पहुंचे। सुकुल दैहान पुलिस पर कमजोर व्यवस्था के आरोप लगाए।
100 रुपए में ले जाने से मना किया तो मारा चाकू चाकूबाजी की दूसरी घटना डोंगरगढ़ में रविवार को हुई है। पीड़ित दिनेश कुर्रे आटो चलता है। जो बस स्टैंड के पास खड़ा था। तभी वहां आरोपी मनीष गेड़ाम पहुंचा। जिसने आटो चालक को चिचोला छोड़ने कहा और जिसका किराया 100 रुपए देने की बात कही। लेकिन जब ऑटो चालक ने 100 रुपए में डोंगरगढ़ से चिचोला नहीं जाने की बात कही तो आरोपी आक्रोशित हो गया। उसने गाली गलौज करते हुए अपने पास रखे धारदार चाकू से चालक दिनेश कुर्रे पर दो से तीन बार वार किया। घायल दिनेश कुर्रे का इलाज जारी है। इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही है।
पसरा लगाने के विवाद में बीच बाजार घोंपा चाकू तीसरी घटना रविवार शाम करीब 5 बजे नंदई के हाट बाजार में हुई। कोतवाली पुलिस ने बताया कि बाजार में पसरा लगाने के विवाद में सब्जी बेचने वाले लल्ला सोनकर और मोनू सोनकर के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि लल्ला सोनकर धारदार चाकू से मोनू सोनकर के पेट और कमर के हिस्से में वार कर दिया। घटना के वक्त बाजार में काफी भीड़ थी। घटना को देखकर आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए। बीच बाजार चाकूबाजी की घटना से आम लोग भी सहम गए। रविवार की वजह से बाजार में सामान्य दिनों से अधिक भीड़ थी।
साल 2025 की बात करें तो चाकूबाजी की 70 से अधिक घटनाएं हुई है। इनमें करीब 40 घटनाएं तो शहर के भीतर ही हुई है। गंभीर बात यह है कि चाकूबाजी की इन घटनाओं में ज्यादातर आरोपी नाबालिग रहे हैं। वहीं बालिग आरोपियों की उम्र भी 18 से 24 साल के बीच है। बीते दो साल में मामूली विवाद पर चाकू मारने की घटना में दोगुना इजाफा हुआ है। यह पुलिस के लिए अब तक चुनौती बनी हुई है।






