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Rajnandgaon : पदुमतरा में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन : श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, भक्ति का अद्भुत संगम…

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राजनांदगांव। पदुमतरा में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान सप्ताह के दूसरे दिन भक्ति और श्रद्धा का अनुपम दृश्य देखने को मिला। कथा स्थल पर न केवल स्थानीय ग्रामीणों, बल्कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही कथा पंडाल में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, और पूरे पंडाल में हरि नाम के संकीर्तन व भक्ति भाव से वातावरण पूरी तरह से सराबोर हो गया। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं की समान उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

पंडित युवराज पांडे जी का दिव्य प्रवचन

कथा के दूसरे दिन प्रसिद्ध राष्ट्रीय और छत्तीसगढ़ के कथा वाचक पंडित युवराज पांडे जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने भागवत को केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला बताया, जो मनुष्य को धर्म, भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
कथा के दौरान पं. युवराज पांडे जी ने सृष्टि की रचना का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान विष्णु की इच्छा से पंचमहाभूतों की उत्पत्ति हुई और इस प्रकार ब्रह्मांड का निर्माण हुआ। उन्होंने भगवान विष्णु के 24 अवतारों का वर्णन करते हुए प्रत्येक अवतार के उद्देश्य और संदेश को सरल शब्दों में समझाया।
विशेष रूप से वराह अवतार की कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पं. पांडे जी ने बताया कि किस प्रकार दैत्य हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को रसातल में छिपा दिया था और भगवान विष्णु ने वराह अवतार धारण कर पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर पुनः उसके स्थान पर स्थापित किया। यह कथा यह संदेश देती है कि जब भी अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं।

श्रद्धालुओं की भक्ति में डूबे पल

कथा के दौरान पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु पूरी तरह से भक्ति रस में डूबे नजर आए। कई बार जय श्रीहरि और हरि बोल के जयघोषों से पूरा वातावरण गूंज उठा। आयोजन समिति ने कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए उत्तम व्यवस्था की थी, जिससे कोई असुविधा नहीं हुई। कथा के सफल आयोजन से ग्राम पदुमतरा और आसपास के क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु आगामी दिनों की कथा सुनने के लिए भी उतने ही उत्साहित हैं।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

कथा में जनप्रतिनिधियों और समाजिक नेताओं की भी प्रमुख उपस्थिति रही। पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री थानेश्वर पटिला, जिला साहू संघ अध्यक्ष भागवत साहू, जिला पंचायत सभापति शीला सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य विभा साहू, तहसील साहू संघ अध्यक्ष चंदशेखर साहू, जनपद सदस्य मंजू वर्मा, जनपद सदस्य ललिता साहू, पदुमतरा सरपंच हिना साहू, महेश साहू, रतन यादव, शरद खंडेलवाल, चंदशेखर यदु, यशवंत वर्मा सहित अन्य कई जनप्रतिनिधियों ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
इसके अलावाए छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य रामानुज युवराज पांडे जी के प्रवचन को सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे। आयोजन समिति द्वारा श्रोताओं के लिए पंडाल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वह भी कम पड़ गई। श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करने के लिए लोग दूर-दूर से आए, और यह आयोजन धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हुआ।

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