बिलासपुर। थाना कोनी क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले दो व्यक्तियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। जमीन विवाद को लेकर लड़ाई-झगड़ा, हुज्जतबाजी और मारपीट की कोशिश कर क्षेत्र में तनाव का माहौल बनाने वाले दोनों आरोपियों को कोनी पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार साहू पारा सेंदरी निवासी गजेंद्र साहू (33 वर्ष) का अपने पड़ोसियों लक्ष्मी नारायण साहू एवं जागेश्वर साहू के साथ लंबे समय से जमीन और रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते दोनों आरोपियों ने लाठी-डंडा लेकर आवेदक को डराने-धमकाने और मारने के इरादे से दौड़ाया। इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और शांति भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना कोनी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवाद शांत कराने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लक्ष्मी नारायण साहू और जागेश्वर साहू नहीं माने। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ही आवेदक के साथ मारपीट करने का प्रयास किया और लगातार हुज्जतबाजी करते हुए माहौल को और बिगाड़ने की कोशिश की।
स्थिति की गंभीरता और संभावित बड़े विवाद को देखते हुए कोनी पुलिस ने त्वरित निर्णय लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। पुलिस ने लक्ष्मी नारायण साहू (54 वर्ष) एवं जागेश्वर साहू (33 वर्ष), दोनों निवासी साहू पारा सेंदरी थाना कोनी को मौके से गिरफ्तार किया और माननीय न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह विवाद बड़े झगड़े या हिंसक घटना का रूप ले सकता था।
शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। कोनी पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और त्वरित वैधानिक कार्रवाई की जाती रहेगी। जमीन या अन्य निजी विवादों के नाम पर सार्वजनिक शांति भंग करने, मारपीट करने या डराने-धमकाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद को कानून के दायरे में रहकर सुलझाएं और हिंसा या अवैधानिक गतिविधियों का सहारा न लें। किसी भी तरह की अशांति की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





