राजनांदगांव, जिलेभर में 5 हजार हेक्टेयर रकबा क्षेत्र के 28 हजार किसानों ने रकबा समर्पण किया है। इससे किसानों के शेष रकबा के नाम से अवैध धान लाने और खरीदी केन्द्रों में बेचने वाले कोचियों पर लगाम लगी रही।
जिला प्रशासन को धोखे में रख किसानों के नाम अवैध धान बेचने वाले कोचियों की प्लानिंग पर पानी फिर गया। प्रशासन ने इस धान खरीदी के एवज में होने वाले भुगतान करीब 2 करोड़ 62 लाख 50 रुपए की बचत की। किसानों के शेष रकबा में कोचियों का अवैध धान बिकने से इतनी राशि का भुगतान करने से शासन को नुकसान उठाना पड़ता।
खाद्य विभाग एवं मंडी के अफसरों के द्वारा सख्ती नहीं बरती जाती तो कोचियों का अवैध धान किसानों के शेष रकबा के नाम से बिक जाता। इसके एवज में किसानों के नाम पर उनके खातों में समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान करना पड़ता। लेकिन सख्ती बरतने से इस राशि की बचत हुई। प्रदेश और जिले में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हुई थी। बाहरी धान की जिले में एंट्री पर रोक लगाने, कोचियों की धर पकड़, कई ठिकानों में दबिश देकर कार्रवाई की गई। वहीं किसानों से रकबा समर्पण कराने वाले समिति कर्मियों को इसके लिए







