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राजनांदगांव : राष्ट्रीय प्रदूषण निवारण दिवस पर मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग और स्वस्थ जीवनशैली विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया …

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राजनांदगांव । राष्ट्रीय प्रदूषण निवारण दिवस पर मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा हरित भविष्य और स्वस्थ जीवनशैली विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. पीएम लुका ने कहा मेडिकल संस्थानों की पर्यावरण संरक्षण एवं जन-स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अधीक्षक डॉ. अतुल देशकर ने अध्यक्षता की। विभागाध्यक्ष सामुदायिक चिकित्सा एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. दिव्या साहू ने बढ़ते प्रदूषण पर िचंता जताई।

उन्होंने स्वास्थ्य जोखिमों का उल्लेख करते हुए जलवायु, संवेदनशील पहल में भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा देशव्यापी जलवायु, स्वास्थ्य क्षमता निर्माण ढांचे के विषय में जानकारी प्रदान की गई। हरित और जलवायु सहिष्णु स्वास्थ्य संस्थान विकसित करने पर उपयोगी, व्यवहारिक में संस्थागत स्तर पर अपनाए जाने योग्य उपाय बताये गए। कार्यशाला में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विशेषज्ञ एनसीडीसी नई दिल्ली डॉ. आकाश श्रीवास्तव, अतिरिक्त निदेशक क्लाइमेट चेंज डिविजन एनसीडीसी डॉ. अनिकेत चौधरी, प्रोफेसर डॉ. कमलेश जैन ने विचार रखे।

मानव स्वास्थ्य की दी गई जानकारी डीन डॉ. पंकज लूका और अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहर देशकर ने मेडिकल संस्थानों के पर्यावरण संरक्षण और जन स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। डॉ. आकाश श्रीवास्तव एनसीडीसीए नई दिल्ली ने राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।

स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव बताए डॉ. धीरज भवानी ने राज्य के वर्तमान वायु प्रदूषण परिदृश्य उसके प्रमुख स्रोतों एवं जन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की। डॉ. निशा मेश्राम ने हरित एवं जलवायु, सहिष्णु स्वास्थ्य संस्थान विकसित करने पर कार्यात्मक और उपयोगी सत्र प्रस्तुत किया। इसमें संस्थागत स्तर पर अपनाए जाने वाले व्यवहारिक उपाय बताए। डॉ. निशा मेश्राम ने आभार जताया। डॉ. रमेश चंद्र, डॉ. प्रतीक खन्ना, डॉअ. श्रव्या आदि मौजूद थे।

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