छुईखदान. रामपुर नवागांव (श्यामपुर) में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। छह महीने पहले सुशासन तिहार के दौरान आंगनबाड़ी भवन की खस्ताहालत और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी वादों के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से वे निराश हैं।
गांव का आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। दीवारों में चौड़ी दरारें, झड़ता हुआ प्लास्टर और कमजोर छत इस बात का सबूत हैं कि भवन किसी भी समय हादसे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी बच्चों को ऐसे खतरनाक भवन में भेजकर डर के साए में जी रहे हैं, लेकिन गांव में कोई अन्य विकल्प न होने के कारण उन्हें मजबूरी में इस भवन का उपयोग करना पड़ता है।
बच्चों की चिंता नहीं
सभी बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है, क्योंकि आंगनबाड़ी भवन और प्राथमिक स्कूल का गेट एक ही है।
इस गेट का खुला रहना छोटे बच्चों के लिए खतरे का कारण बन रहा है, क्योंकि वे बिना किसी रोक-टोक के सड़क की ओर भाग सकते हैं। कई बार ग्रामीणों को बच्चों को सड़क से रोकने के लिए दौड़कर उन्हें पकड़ना पड़ा है। यह लापरवाही किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है, और ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने इस गंभीर मसले की अनदेखी की है।






