जल संसाधन विभाग की घोर लापरवाही से शिवनाथ नदी का जलस्तर जमीन छूने लगा, एनीकटों में जमी रेत और लीकेज की समस्या ने बढ़ाई मुसीबत, गर्मी में मच सकता है हाहाकार
राजनांदगांव. बारिश खत्म हुए महीना बीत चुका है, लेकिन शिवनाथ नदी में बने एनीकटों के गेट अब तक बंद नहीं किए गए हैं। जल संसाधन विभाग की इस लापरवाही ने नदी को समय से पहले सूखने की कगार पर ला दिया है। मोहड़-धामनसरा घाट पर बना एनीकट तो पूरी तरह खाली नजर आ रहा है। सामने जमा भारी सिल्ट की सफाई तक नहीं की गई, नतीजा- एनीकट का हाल गर्मी के मौसम जैसा हो गया है।
शिवनाथ नदी में जल संरक्षण के लिए हर तीन किलोमीटर पर एनीकट बनाए गए हैं, ताकि सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त जलभराव बना रहे, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अब ये एनीकट शोपीस बनकर रह गए हैं। बारिश के दिनों में जहां गेट खोलने में देर की जाती है, वहीं अब समय रहते बंद न करने की लापरवाही से पानी का स्तर बुरी तरह गिर गया है।
लीकेज की दिक्कत
मोखला एनीकट की स्थिति और भी खराब है। वहां लीकेज की वजह से पानी रुक ही नहीं रहा। ऊपर से सिल्ट जमाव ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बाढ़ में क्षतिग्रस्त एनीकटों की मरम्मत तक नहीं की गई। विभाग के अफसरों की अनदेखी से जलस्रोत सूखते जा रहे हैं और किसान चिंतित हैं।
जल संरक्षण को लेकर ढिलाई
एक तरफ जल संरक्षण को लेकर जिले में हुए कार्यों को लेकर केंद्र सरकार की ओर सराहना और पुरस्कार मिल चुका है, लेकिन यहां शिवनाथ नदी में में जल संरक्षण को लेकर विभाग के अफसरों की लापरवाही सामने आ री है। जनता सवाल पूछ रही है- जब बारिश खत्म होने के बाद भी एनीकट के गेट बंद नहीं होंगे, तो जल संरक्षण की योजनाओं का आखिर मतलब क्या रह जाता है? इस संबंध में जानकारी लेने जल संसाधन विभाग के ईई निलेश रामटेके को फोन किया गया, उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
गर्मी में होगी समस्या
मोहड़-धामनसरा एनीकट के पास बने इंटकवेल तक अब पानी पहुंच ही नहीं रहा। किसानों को सिंचाई के लिए बनाई गई पाइपलाइन बेकार पड़ी है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले गर्मी के दिनों में पानी के लिए हाहाकार मचना तय है।






