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राजनांदगांव : लखपति दीदी महिला सशक्तिकरण एवं उन्नयन के लिए एक मिसाल :  उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

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राजनांदगांव : लखपति दीदी महिला सशक्तिकरण एवं उन्नयन के लिए एक मिसाल :  उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

– उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा महतारी वंदन योजना एवं नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से किया अंतरित
– लखपति दीदी संकल्प लेकर चुनौती को अवसर में बदल रही

राजनांदगांव : लखपति दीदी महिला सशक्तिकरण एवं उन्नयन के लिए एक मिसाल :  उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन


राजनांदगांव। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज स्टेट हाई स्कूल मैदान राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महतारी वंदन योजना के तहत माह नवम्बर 2025 में 21वीं किश्त के रूप में प्रदेश के 69 लाख 07 हजार 615 महिला हितग्राहियों को बटन दबाकर 646 करोड़ 52 लाख 10 हजार रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित की। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नियद नेल्लानार योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में 7 हजार 658 हितग्राहियों को 76 लाख 26 हजार 500 रूपए की राशि उनके खाते में अंतरित किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कुल 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से अंतरित किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन एवं अतिथियों ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने एलआरएम की लखपति दीदीयों से चर्चा की एवं उनके लखपति दीदी बनने तथा आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण के अनुभवों को जाना।


उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत माता के चरणों को प्रणाम करता हूं, जो दयालु और कृपालु है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में कहा कि जम्मो भाई-बहिनी मन ला जय जोहार। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की स्थापना के 25 वर्षों का आनंद उत्सव मना रहे हैं। छत्तीसगढ़ एक ऊर्जावान, विकासशील एवं विकसित राज्य है। छत्तीसगढ़ बढ़ रहा है, वैसे ही मैं भी बढ़ रहा हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ स्थापना के प्रारंभिक वर्ष में पानी, बिजली एवं अधोसंरचना की कमी थी। आज छत्तीसगढ़ एक बिजली उत्पादक राज्य के रूप में उभरकर सामने आया है और उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में वृद्धि हुई है। उदयाचल संस्थान ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना योगदान दिया है एवं संस्थान के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में मोतियाबिंद से मुक्त कराने के लिए तथा नेत्र रोग की चिकित्सा के लिए 130 लाख से भी अधिक आपरेशन किए गए है तथा 19 लाख चश्में का वितरण किया गया है। अथक प्रयासों से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बुजुर्ग मोतियाबिंद की बीमारी से मुक्त हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि एवं प्रयासों से आयुष्मान आरोग्य योजना स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी का यह उत्सव महिला स्वसहायता समूह की आत्मनिर्भरता का प्रमाण है और हमारी लखपति दीदी जो संकल्प लेकर चुनौती को अवसर में बदल रही हैं। लखपति दीदी केवल आय का प्रतीक नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति ने प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंद महिलाओं को लखपति दीदी के तौर पर अग्रसर करने तथा सक्षम बनाने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लगभग 5 लाख लखपति दीदी को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।


उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि राजनांदगांव जिला प्रशासन की ओर से एक लाख से अधिक महिलाओं को स्वसहायता समूह बिहान से जोड़ा गया है। राजनांदगांव माँ बम्लेश्वरी देवी का धाम है, जो महिला सशक्तिकरण एवं उन्नयन के लिए एक मिसाल है। यहां महिलाओं की विकास गाथाओं के दृष्टिकोण से राजनांदगांव जिला एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी के साहस, परिश्रम एवं दृढ़ निश्चय की प्रशंसा करता हूं। वे रूकेगीं नहीं और लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनेगी। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले में सशक्त महिलाएं है, जो आर्थिक एवं राजनीतिक दृष्टि से परचम लहरा रही है। यहां पंच, सरपंच विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे रही है। महिलाएं न केवल घर का नेतृत्व कर रही है, बल्कि प्रशासन में कार्य कर रही है तथा राजनीतिक परिवर्तन के साथ ही भविष्य के नेतृत्वकर्ता को प्रेरणा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की दृष्टि एवं गृह मंत्री के दृढ़ निश्चय से तथा सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खात्मे की ओर है।

नक्सलवादियों ने अनाज के वितरण कैसा हो के संबंध में कहा लेकिन अनाज को उपजाने के बारे में बात नहीं की। प्रधानमंत्री जनसामान्य के जीवन को उन्नत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आपके परिश्रम, दृढ़ निश्चय से 2047 में विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत बनेगा और विश्व में पहले स्थान प्राप्त करेंगा। उन्होंने महतारी वंदन योजना अंतर्गत सभी हितग्राही महिलाओं को राशि हस्तांतरित करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।


छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत तस्वीर : राज्यपाल रामेन डेका
राज्यपाल रामेन डेका ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत तस्वीर है। यहां उपस्थित हर दीदी इस बात की मिसाल है कि जब संकल्प और सामूहिक प्रयास जुड़ते है तो आत्मनिर्भरता केवल सपना नहीं रहता वह हकीकत बन जाता है। चाहे वह बलरामपुर हो, बस्तर, बिलासपुर या राजनांदगांव हर जगह महिलाओं की सशक्त उपस्थिति से गर्व की अनुभूति हुई। बस्तर क्षेत्र में महिलाओं द्वारा वनोपज से जैविक उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुंचाने का और बलरामपुर में महिला स्वसहायता समूहों ने बाड़ी विकास और स्थानीय उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय कार्य किया है, वहीं कोण्डागांव में वनोपज, बाड़ी विकास, फूड प्रोसेसिंग, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से अपनी आय बढ़ा रही हैं। राजनांदगांव जिले में भी लगभग 40 हजार लखपति दीदियां बनी है। जिसमें से 208 दीदियां सालाना 5 लाख रूपए से अधिक एवं 26 दीदियां सालाना 10 लाख रूपए से अधिक का व्यवसाय कर रही हैं। लखपति दीदियां केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी बदलाव ला रही हैं।


छत्तीसगढ़ की माता और बहनों को लखपति दीदी बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय


लखपति दीदी सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के लिए सौभाग्य का दिन है कि देश के उपराष्ट्रपति छत्तीसगढ़ राज्य के रजत महोत्सव के अवसर पर आए हैं। इससे पहले स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर को देश के प्रधानमंत्री ने पूरा समय छत्तीसगढ़वासियों को दिया और अनेक सौगातें दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पिछड़े प्रदेशों के रूप में थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विकास के लिए कार्य करते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को स्थापित किया और चाऊर वाले बाबा के रूप में पहचान बनाई। राज्य निर्माण के बाद 15 वर्ष के कार्यकाल में बिजली, पानी,सड़क, शिक्षा,स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार बनने के विगत 22 माह में सरकार ने विकास के कार्यों को आगे बढ़ाया है। सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति, किसानों से किए गए वादा को पूरा करते हुए 3100 रूपए प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य, दो माह का बकाया बोनस की राशि देने का कार्य  किया।

तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए प्रति मानक बोरा की राशि को 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया गया और चरण पादुका का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना के तहत 30 हजार से अधिक भक्तों को अयोध्या में श्रीराम का दर्शन कराया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई उद्योग नीति से रोजगार मिलने और निवेश होने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7 लाख 82 हजार लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। अभी तक 4 लाख 93 हजार बन चुके हैं। आने वाले समय में प्रदेश 14 लाख 77 हजार लखपति दीदी बनाये जाएंगे। जिनका चिन्हांकन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव के अंजोरा में हर्बल उत्पाद से महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का जिक्र करते हुए अपने गृह जिला जशपुर में भी लखपति दीदी बनाने और इस दिशा में आगे किए जा रहे प्रयासों को बताया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और आने वाले समय में सभी माताओं-बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने महतारी वंदन योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार की राशि खाते में देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवानों की मेहनत से बस्तर भी अब विकास से जुड़ रहा है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक इलाकों में बिजली-पानी और सड़क सहित अन्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि उद्योग नीति के माध्यम से नये निवेश को प्रोत्साहन,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटा बेस, सेमीकंडक्टर निर्माण का कार्य भी जारी है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत संकल्प को पूरा करने की दिशा में भी छत्तीसगढ़ की सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने पद्मश्री फूलबासन बाई यादव एवं लखपति दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनने की कामना की।


विकास कार्यों से बढ़ रही है राज्य की पहचान : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह


लखपति दीदी सम्मेलन को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में लखपति दीदियों का सम्मेलन छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और विकास की राह में आगे बढ़ाने की दिशा में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन गौरवान्वित होने वाला दिन है क्योंकि  देश के उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री राजनांदगांव में लखपति दीदियों के काम को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव मना रहे हैं, यह ऐतिहासिक क्षण है। विगत 25 वर्षों में हमारे राज्य ने विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का कार्य किया है और अंतिम छोर तक के गाँव और व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुंची है। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना के साथ राज्य की पहचान बढ़ी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने जिले में लखपति दीदी को आगे बढ़ाने के लिए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव एवं जिला पंचायत सीईओ के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने सम्मेलन को नारी शक्ति की पहचान और महिलाओं के आत्मनिर्भरता की मिसाल बताया। इसके साथ ही डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले में विकास के कार्य तेजी से होने, पीएम आवास निर्माण में राज्य में अव्वल होने, शिशु मृत्यु दर-मातृ मृत्यु दर, कुपोषण के खिलाफ लड़ाई तथा जल संरक्षण की दिशा में भी उत्कृष्ट कार्य होने की बात कही।


महापौर मधुसूदन यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल योगेशदत्त मिश्रा, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, खूबचंद पारख, सचिन बघेल, दिनेश गांधी, रमेश पटेल, संतोष अग्रवाल, अशोक चौधरी, सौरभ कोठारी, भावेश बैद,संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता  शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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