राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ एवं समर्थन मूल्य कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के संयुक्त आह्वान पर प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत हो गई है। आंदोलन में राजनांदगांव सहित दुर्ग संभाग के सातों जिलों से समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर और धान खरीदी प्रभारी बड़ी संया में शामिल हुए।
राजनांदगांव सहित विभिन्न जिलों से कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की। आंदोलन को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव ईश्वर श्रीवास, महासंघ उपाध्यक्ष विनोद जायसवाल, संरक्षक संतोष साहू, कोषाध्यक्ष जागेश्वर साहू, उपाध्यक्ष गिरधर साहू, एवं अन्य पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित किया। प्रमुख मांगों में धान खरीदी केंद्रों से समय पर परिवहन, धान वजन शॉर्टेज की भरपाई, कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियमितीकरण, समितियों को तीन-तीन लाख का प्रबंधीय अनुदान एवं सेवा नियम संशोधन शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के वादों के बावजूद धान सूखत की भरपाई नहीं की गई, जिससे समितियां आर्थिक संकट में हैं। हड़ताल का सीधा असर अब धान खरीदी की तैयारी पर पड़ने लगा है। समितियों में 3 से 6 नवंबर तक प्रस्तावित खरीदी ट्रायल नहीं हो पाया है। समितियों में सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और बारदाना वितरण जैसे कार्य भी प्रभावित हुए हैं। शासन की ओर से आवश्यक तैयारियों के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, लेकिन हड़ताल के चलते मैदान स्तर पर काम ठप हो गया है।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
संघ नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर शासन-प्रशासन स्तर पर अब तक किसी भी तरह की वार्ता या पहल शुरू नहीं की गई है, जिससे खरीदी व्यवस्था पर संकट गहराने की स्थिति बन गई है। ज्ञात हो कि शासन की ओर से 15 नवंबर से खरीफ सीजन में बोए धान की फसल को सोसाइटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का निर्णय लिया है। हालांकि 15 नवंबर शनिवार होने की स्थिति में संभवत: खरीदी की प्रक्रिया 17 नवंबर से शुरू हो सकती है।







