बिलासपुर। रतनपुर पुलिस ने अवैध शराब कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बछालीखुर्द में दो शराब कोचियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 300 लीटर कच्ची महुआ शराब शराब बनाने के बर्तन और उपकरण जब्त कि हैं। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 60 हजार रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसारए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में रतनपुर थाना प्रभारी ने एक विशेष टीम गठित की थी।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बछालीखुर्द में कुछ लोग भारी मात्रा में कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस दल मौके पर पहुंचा और छापा मारकर दो व्यक्तियों को शराब बनाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी लक्ष्मण सिंह जगत 52 वर्ष पिता स्व. राजाराम जगत के घर से 135 लीटर तथा कामेश्वर राज 19 वर्ष पिता रामसनेही राज के घर से 165 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। दोनों ही आरोपी ग्राम बछालीखुर्द निवासी हैं। इसके अलावा पुलिस ने मौके से शराब बनाने में उपयोग होने वाले ड्रम डिब्बे पाइप और अन्य उपकरण भी बरामद कि हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 34. 2 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध शराब के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। पुलिस टीम में उप निरीक्षक मेलाराम कठौतिया प्रधान आरक्षक गजेन्द्र सिंह आरक्षक मालिक साहू बिजेन्द्र रात्रे कीर्ति पैकरा राजेन्द्र साहू और महिला आरक्षक स्वाति बंजारे शामिल थे। टीम ने कठिन परिस्थितियों में छापेमारी को अंजाम दिया और बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त करने में सफलता प्राप्त की। रतनपुर थाना प्रभारी ने बताया कि
गांव और आसपास के इलाकों में अवैध शराब बनाने और बेचने वालों पर पुलिस लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि समाज में नशे की जड़ को खत्म किया जा सके। पुलिस विभाग ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे अवैध शराब की बिक्री या निर्माण की किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का मानना है कि समाज और पुलिस के सहयोग से ही इस अवैध धंधे को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।






