Home मध्य प्रदेश एमपी एग्रो अनुत्पादन व्यय नियंत्रित करें : एसीएस राजन

एमपी एग्रो अनुत्पादन व्यय नियंत्रित करें : एसीएस राजन

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भोपाल 
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड नये कार्य क्षेत्र विकसित कर आय वृद्धि के प्रयास करे। उन्होंने यह निर्देश एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन के संचालक मंडल की 200वीं बैठक में दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन, आयुक्त उद्यानिकी श्रीमती प्रीति मैथिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री कुशवाह ने कहा कि एमपी एग्रो राज्य शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के लिये कार्य करने वाली महत्वपूर्ण एजेन्सी है। उद्यानिकी विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के लिये एमपी एग्रो को नोडल एजेन्सी बनाया गया है। इसके काम में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के माध्यम से कलस्टर विकसित करने की जिम्मेदारी भी एमपी एग्रो को दी गई है। यह काम समय-सीमा में किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम जिला स्थित बाबई कृषि फार्म की आय वृद्धि के लिये विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाये। फार्म स्थित मशीनरी और उपकरणों के उपयोग के लिये विशेष एजेन्सी की सेवाएँ ली जा सकती है।

अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि एमपी एग्रो अनुउत्पादन व्ययों को नियंत्रित करें। उन्होंने कहा कि परम्परागत प्रक्रिया के स्थान पर एग्रो विशेष एजेन्सियों की सेवाएँ लेकर बेहतर प्रोजेक्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि एग्रो लिमिटेड को अपनी टेण्डर प्रक्रिया में गति लाने की आवश्यकता है इससे समयानुसार योजनाओं का लाभ किसानों को मिल सकेगा।

आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने कहा‍कि एमपी एग्रो को व्यवसाय वृद्धि के लिये ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्रीपीवी कृषि जैसे क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की आवश्कता है। उन्होंने एग्रो द्वारा टेण्डर प्रक्रिया की समय-सीमा में सुधार कराये जाने का सुझाव भी दिये।

प्रबंध संचालक अरविंद दुबे ने बताया कि एमपी एग्रो ने इस वर्ष 2025-26 में लिक्विड बायो फर्टिलाइजर उत्पादन का लक्ष्य एक लाख 25 हजार लीटर रखा है। इसमें एक करोड़ लाख 96 लाख रूपये की सकल आय अनुमानित है। 2024-25 में निगम को 2470 बायो गैस संयंत्र का लक्ष्य के विरूद्ध 1840 संयंत्रों का निर्माण कराया गया है। बैठक में निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन भत्तो से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किये गये।

 

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