अंबागढ़ चौकी- कोरोना वायरस महामारी की वजह से कई महीनों से ग्राम पंचायतों में मजदूरों को काम नही मिल रहा था। ग्रामीणों की हालत देखकर ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कामो को हरी झंडी दी गई। जिससे मजदूरों को काम मिल रहा है और मजदूर लाकडाउन का पालन करते हुए मनरेगा के कार्यो में अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्रामपंचायतों में मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण जैसे कार्य चल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार इस बीच गत 21 अप्रैल को मनरेगा के कार्यो का निरीक्षण करने सीईओ बीएल देहारी द्वारा ब्लाक के कई ग्राम पंचायतों का दौरा किया गया। उस दौरान पांच ग्राम पंचायतों के सचिव मनरेगा के तहत चल रहे कार्यो के कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे। कार्यो में लापरवाही के कारण उन सभी पंचायतों के सचिवो पर सीईओ की कार्यवाही की गाज गिर गई, जिसमें ग्राम पंचायत केकतीटोला, सेमरबांधा, आड़ेझर, कौडूटोला के सचिवों को जनपद पंचायत अंबागढ़ चौकी में अटैच किया और दोडक़े के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इस मामले में कौडूटोला ग्राम पंचायत के ग्राम वासी और पंचों ने सचिव केदार नाथ ठाकुर का बचाव करते हुए सीईओ बीएल देहारी को एक आवेदन दिया, जिसमें बताया गया कि सचिव केदार नाथ 21 अप्रैल को ड्यूटी पर ग्राम पंचायत आये थे और साप्ताहिक बाजार में लोगो को सोशल डिस्टेंस का पालन करने को समझाया भी था। मनरेगा के कार्यस्थल पर चल रहे कार्यो को जाकर देखा भी था और साप्ताहिक बाजार से सब्जी लेकर सचिव होड़ीटोला घर गए थे। उसके ठीक बाद ग्राम पंचायत कार्यालय भी आ गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि विगत पांच वर्षों से कौडूटोला ग्राम पंचायत में सचिव केदार नाथ अपनी सेवा लगातार ईमानदारी से दे रहे हैं और वह कार्यालय भी सुबह 8 बजे पहुँच जाते हैं। इस बाबत ग्रामवासियों ने एक आवेदन पर अपने हस्ताक्षर किया है, जिसमें जमीला बाई, ममता बाई, सुनीता बाई, छन्नू लाल, गोविंद, बुधराम, संजय कुमार, दिनेश्वर कुमार, लक्ष्मण गौली सहित परमिला नेताम (सरपंच), श्याम लाल, उदेराम साहू, गौरीशंकर गुरले, चुनुराम साहू, गया दास साहू के हस्ताक्षर हैं और सभी ने सचिव केदारनाथ ठाकुर को कौडूटोला ग्राम पंचायत पर ही यथावत रखने की मांग सीईओ जनपद अंबागढ़ चौकी से की है।





