कांकेर जिले के 552 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में आदि कर्मयोगी अभियान
उत्तर बस्तर कांकेर , जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, उपाध्यक्ष तारा ठाकुर, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मण्डावी की उपस्थिति में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिला कार्यालय में उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी ने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्रामों में लोगों की टीम बनाया जाए। इस टीम में समाज के प्रबुद्ध व सक्रिय लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं पंचायत पदाधिकारियों, सेवाभावी लोगों तथा युवाओं, स्व-सहायता समूहों को शामिल करते हुए अभियान का उद्देश्य व उनकी भूमिका से अवगत कराया जावे, ताकि यह अभियान सफल हो और गांव के सभी पात्र लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सके।\
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि यह अभियान बहु-विभागीय समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से लागू किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत कांकेर जिले के 552 जनजातीय बाहुल्य ग्राम शामिल किए गए हैं। जिले के निवासियों को इस अभियान से लाभ मिलेगा, इसके लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि धरातल पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करे। इस अभियान के तहत जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स नियुक्त किया गया है, जिनके द्वारा ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा और इस प्रकार ग्राम स्तर पर कैडर तैयार किए जाएंगें, जिसमें अशासकीय संस्थाएं, स्व-सहायता समूह, पंचायत सचिव, युवा, पंच, फ्रंटलाईन कर्मचारी एवं सेवाभावी संगठन एवं स्वयंसेवक तैयार किए जाएंगे।
ये सभी जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में विभिन्न योजनाओं जैसे- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन योजना, मूलभूत सुविधाएं जैसे- आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि के क्रियान्वयन, उपलब्धता तथा भविष्य में आदिवासी ग्रामों के विकास हेतु ग्राम स्तर पर योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। कलेक्टर ने उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित होने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने हरेश मण्डावी ने आदि कर्मयोगी के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत शासकीय सेवक को आदि कर्मयोगी, जनप्रतिनिधियों को आदि सहयोगी तथा स्व-सहायता समूहों एवं स्वयं सेवी संगठनों को आदि साथी के रूप में चिन्हांकित किया जाएगा, ये सभी उसी गांव के निवासी होंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत गावं में आदि सेवा केन्द्र बनाया जाएगा तथा गांव के सभी पात्र लोगों को लाभान्वित करने के प्रयास होंगे। जनप्रतिनिधिगण जिला स्तर, ब्लॉक स्तर, ग्राम स्तर में अपना सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। सीईओ मण्डावी ने कहा कि इस अभियान के तहत विभिन्न विभागों- वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग इत्यादि के साथ आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक पहल की जा रही है। उनके द्वारा जनपद सीईओ को ग्रामों में आदि सेवा केन्द्र की स्थापना के लिए स्थल चयन करने के निर्देश भी दिए गए। उन्मुखीकरण कार्यशाला में जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सीईओ, मास्टर ट्रेनर्स तथा आदिवासी विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।






