डोंगरगांव । आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोग एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसके बाद भी आयुष्मान कार्ड नहीं बना पा रहा है। इसकी मुख्य वजह सर्वर का ठीक से नहीं चलना है। लोक सेवा केंद्र में लोग सुबह से कार्ड बनवाने के लिए जुट रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। आयुष्मान कार्ड के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 31 मार्च है।
आयुष्मान भारत योजना सरकार द्वारा सभी वर्ग के लोगों के लिए पांच लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया है। इस कार्ड को बनाने के लिए सरकार द्वारा 31 मार्च तक समय सीमा तय कर निश्शुल्क कार्ड बनाने की प्रक्रिया गांव, नगर सहित सभी क्षेत्रों में सीएससी सेंटरों तथा च्वाइस सेंटरों के अलावा अस्पताल में भी बनना है।
कतार में लगने के बाद भी काट रहे चक्कर : लोग आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सीएससी का चक्कर काट रहे हैं। कार्ड बनाने के लिए सर्वर में काफी दिक्कतें आ रही हैं, जिसके कारण हितग्राहियों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। डोंगरगांव नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वर डाउन के चलते तथा धीमी गती होने के कारण हितग्राही काफी परेशान हो रहें है। पदगुड़ा, आतरगांव, डोंगरगांव सहित कई सीएससी सेंटर के संचालकों ने बताया कि ग्रामीण कार्ड बनवाने के लिए काफी परेशान हैं। सर्वर डाउन जैसी दिक्कता के चलते हमारे साथ-साथ ग्रामीण भी घंटों गर्मी में अपनी बारी का इंतजार करते बैठे रहते हैं।
आए दिन हो रहे विवाद : सुशीला बाई, नीलिमा पटेल, सुखबती साहू, अनुसूईया यादव सहित आदि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने बताया कि उन्हें घंटों लाइन में खड़ रहना पड़ा, इसके बाद भी कार्ड नहीं बन रहा है। लोगों को यह भ्रम हो चुका है कि निश्चित तारीख के बाद कार्ड बनना बंद हो जाएगा। इसलिए वह अपना स्थान छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं और इसके चलते कई बार झगड़े तक की नौबत आ जाती है। चिप्स जिला समन्वयक आशीष स्वर्णकार ने बताया कि सर्वर डाउन की परेशानी को लेकर बैठक हो चुकी है। इसकी जानकारी कलेक्टर तथा एसडीएम को भी है। यह दिक्कत प्रधान कार्यालय से है। इसमें सुधार कार्य जारी है, एक दो दिनों में यह परेशानी दूर हो जाएगी। सर्वर शाम से रात तक ठीक चलता है तथा दिन में इसका ज्यादा इस्तेमाल होने से स्लो हो जाता है। ऐसा नहीं है कि ये प्रक्रिया निश्चित तारीख तक रहेगी, सर्वर की समस्या को देखते हुए इसकी तारीख और बढ़ाई जा सकती है। इसके बाद भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी कार्ड को बनाने के लिए हितग्राही अस्पताल जाकर कभी भी बनवा सकते हैं।
