राजनांदगांव । नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कम्प्यूटर एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में टैली विषय पर एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान की मुख्यवक्ता भिलाई इंस्टिट्यूट आफ टेक्नालाजी की सहायक प्राध्यापक सुषमा सिंह थी। व्याख्यान आनलाइन आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुड़े।
मुख्य वक्ता सुषमा सिंह बताया कि किसी भी व्यवसाय में खाता-बही का विशेष महत्व होता है। कई वर्ष पूर्व बैंक, निजी कंपनी, सरकारी कार्यालयों आदि में व्यापारिक लेन-देन, धन के संग्रह, वस्तुओं पर किये खर्च तथा कर आदि के रिकार्ड दस्तावेजों में होते थे। इनकी देखभाल अधिक करनी होती थी। हर साल दस्तावेजों के लिए उपयोग किए गए पत्रों के लिए वनों का कटाव होता था। आज कंप्यूटर के इस युग में अनेक कार्यो को सरलता व तेजी से किया जा सकता है। सरकारी कार्यालयों, बैंकों, निजी कंपनियों में अकाउंटिंग के कार्यों के लिए टेली का उपयोग किया जाता है। अनेक विशेषताओं के कारण आज टेली का उपयोग दुनिया भर में विभिन्ना कंपनियों में किया जाता है, इसलिए हमारे लिए भी टैली की जानकारी होना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि टैली एक एकाउंटिंग साफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर व्यापार में कंपनी के वित्तीय भुगतानों की गणना के के लिए किया जाता है। माल के स्टाक को व्यस्थापित करने, माल पर किए गए व्यय तथा उत्पाद से जुड़ी जानकारी टेली के अंतर्गत संरक्षित की जा सकती है। टेली का मुख्य कार्य किसी कंपनी के खाते को व्यवस्थित करना होता है। इसमें आय-व्यय, नगद-उधार, भुगतान की गई राशि तथा बैंक के विभिन्ना खातों का रिकार्ड उपलब्ध होता है। कार्यक्रम का संचालन तूलिका चक्रवर्ती एवं आभार प्रदर्शन डा. ईव्ही रेवती ने किया।
