( विद्यालयीन शिक्षकों को भी किया प्रेरित )
राजनांदगांव। जिले की प्रतिष्ठित शाला गायत्री विद्यापीठ के विद्यालय सभागार में कैरियर निर्माण संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित थे डॉ. गोपाल कृष्ण शर्मा जो वर्तमान में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार में एचओडी, कम्प्यूटर साइंस, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, लाइफ स्किल कोच हैं। देश-विदेश में गायत्री परिवार के गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाना, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन एवं पर्यावरण, नारी जागरण, विचार क्रांति अभियान के माध्यम से पूज्य गुरूदेव पं.श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय माता जी के कार्यों को वैश्विक स्तर पर उनके विचारों को पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। आप कार्डिनेटर ऑफ स्कूल ऑफ आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस, भारतीय संस्कृति के प्रचारक, अखिल विश्व गायत्री परिवार के सम्मानित सदस्य हैं।

आयोजन का शुभारंभ दीप-प्रज्जवलन के साथ किया गया जिसमें डॉ.गोपाल कृष्ण का स्वागत एकेडमिक कार्डिनेटर अमित उत्तलवार, शाला की प्राचार्य शैलजा नायर, पिंकी खण्डेलवाल द्वारा किया गया।
डॉ.शर्मा द्वारा कैरियर निर्माण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए जिसमें स्वंय विद्यार्थियों से जुड़कर उनेक प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने अनेक उदाहरण के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही परिश्रम से मुख न मोड़ने की सलाह दी। अवसर को पहचानकर आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। संस्कारों को आत्मसात करवाते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि माता-पिता के योगदान का प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में क्या स्थान होना चाहिए। साथ ही स्वयं पर नियंत्रण कब कैसे रखा जाए, आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस क्या है, हम कैसे इसका प्रयोग करें आदि अनेक महत्वपूर्ण बातों का समावेश किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में देव संस्कृति विश्वविद्यालय की अनेक विशेषताओं को बताकर विद्यार्थियों को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

शाला की व्याख्याता उषा झा से मिली जानकारी के अनुसार आरंभ से अत तक विद्यार्थी उत्साहपूर्वक डॉ.गोपाल कृष्ण शर्मा को सुनते रहे। उनके प्रखर व्यक्तित्व से अभिभूत होकर बच्चों ने प्रसन्नता व्यक्त की और स्वयं को श्रेष्ठ बनाने का संकल्प लिया। इसी प्रकार शाला के सभी शिक्षकवृंद को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्य को ध्यान में रखकर शिक्षा को विद्या के साथ आत्मसात करते हुए शिक्षा देने की प्रेरणा दी और कहा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान देना समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आप समाज का बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं इसमें आप अपना बेहतर से बेहतर परिणाम देने का प्रयास करें।
आभार प्रदर्शन सांस्कृतिक प्रभारी रूपाली गांधी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन, उपाध्यक्ष संध्यादेवी सिंघल, राजेश जैन, सचिव गगन लड्ढा, सहसचिव निकुंज सिंघल, कोषाध्यक्ष सूर्यकान्त चितलांग्या, संरक्षक नंदकिशोर सुरजन, सुषमा सुरजन, सांस्कृतिक प्रभारी हरीश गांधी, रूपाली गांधी, एकेडमिक प्रभारी अमित उत्तलवार, प्राचार्य शैलजा नायर, पिंकी खण्डेलवाल, उप प्राचार्य रश्मि ठाकुर, वंदना डुंभरे, प्रशासक अनिल वाजपेयी एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।







