रायपुर. रायपुर में गरीबों के लिए बनाए गए पीएम आवास का फर्जी तरीके से पैसे लेकर आवंटन करने के मामला सामने आया है। फर्जी तरीके से आवंटन करने वाले गिरोह में सत्ता पक्ष से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आने लगे हैं। ठगी में शमिल आरोपित एक बड़े नेता के घर पर काम करता है। फिलहाल प्रारंभिक जांच में एक महिला समेत चार शातिरों के नाम सामने आ गए है।चारों आरोपितों ने मकान का फर्जी आवंटन कर करोड़ों की ठगी की है। आरोपितो ने फर्जी सील, साइन के जरिये मकान का आवटन कर दिया था। आरोपियों ने आवास के नाम पर 12 लोगों से 25-25 हजार और कई अन्य व्यक्तियों से तीन लाख रुपये से अधिक की राशि वसूली है।इसका राज खुलने के बाद कोतवाली थाने में रायपुर नगर निगम के सहायक अभियंता ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपित सुनील नायक, प्रीति नायक, अजय कुमार और ए रवि राव के खिलाफ रविवार को धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं, देर रात को ही पुलिस ने रवि राव को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी तीन आरोपित फरार है,जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी मोहसिन खान ने बताया कि सभी आरोपित पीड़ित लोगों से पहले से परिचित ही है। आरोपितों में सुनील नायक और प्रीति नायक पति पत्नी हैं। इसके अलावा अजय कुमार और रवि राव आरोपी बनाए गए हैं। ये कुछ विशेष कामकाज नहीं करते हैं। आरोपितों ने झांसा देकर पहले 25 हजार की निगम की फर्जी रसीद दी और उसके बाद फर्जी आवंटन पत्र भी दे दिया।आरोपितों ने 25, 40 और 80 हजार रुपए तक ऐंठ लिए। जब लोग मकान लेने पहुंचे तो बताया गया कि आवंटन पत्र रसीद फर्जी है। इसके बाद आरोपित फिर लोगों को पैसा जमा करने का नोटिस दिया कि तुम लोगों का गलत आवंटन हुआ है, एक लाख रुपए जमा करो तब होगा। छह महीने पहले इन लोगों ने आवेदन दिया था, जिस पर नगर निगम ने जांच की। जांच में आरोपितों के नाम सामने आने के बाद 14 लोगों ने शिविर में आवेदन दिया। मामले में एक आरोपी रवि राव की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी तीन आरोपित फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। नगर निगम मुख्यालय में प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा में सहायक अभियंता के पद पर पदस्थ राजेश राठौर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है।
