राजनांदगांव . पैड मेरा अधिकार योजना के लिए छत्तीसगढ़ से राजनांदगांव जिले के महिला समूह का चयन किया गया है। डोंगरगढ़ ब्लाक के गोदावरी स्वसहायता समूह की महिलाओं को पैड निर्माण के माध्यम से आजीविका का साधन मिला है। अब स्थानीय स्तर पर पैड के निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को वाजिब कीमत पर पैड उपलब्ध हो सकेगा।कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पीटेपानी में ‘मेरा पैड मेरा अधिकार’ कार्यक्रम के अंतर्गत बिहान की महिलाओं की सेनेटरी पैड उत्पाद यूनिट का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में नाबार्ड के सहयोग से बिहान के गोदावरी स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर सेनेटरी पैड उत्पादन की यह पहल प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान स्वच्छता बहुत जरूरी है। स्वच्छता के अभाव में कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। पैड वैज्ञानिक तरीके से जांच-परखकर बनाया जाता है। अपने शरीर, स्वास्थ्य एवं देखरेख के लिए महिलाएं पैड का उपयोग अवश्य करें। उन्होंने गांव की महिलाओं से आग्रह किया कि अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हर माह बचत करें और सेनेटरी पैड खरीदें।
0 बहुत सी बीमारियों से सुरक्षाग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं घर, खेती-किसानी, रोजी-मजदूरी से बहुत से कार्य करती हैं। समय के साथ परिवर्तन आना चाहिए। सभी महिलाएं पैड खरीदें, इससे बहुत सी बीमारियों से सुरक्षा होगी। महिला समूह द्वारा स्थानीय स्तर पर पैड के निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को वाजिब कीमत पर पैड उपलब्ध हो सकेगा। वहीं समूह की महिलाओं को आजीविका का साधन मिला है। उन्होंने 10 लाख रुपये से प्रशिक्षण केंद्र के लिए भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उपयोग करने के लिए प्रेरित करने पर जोरकलेक्टर वर्मा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के इस दौर में महिलाएं सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। गोदावरी स्वसहायता समूह गांव की महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करे और उन्हें पैड का उपयोग करने के लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि सुकुलदैहान की पद्मश्री फुलबासन बाई यादव ने अपने कार्यों और मेहनत से एक अलग पहचान बनाई है। इसी तरह सभी को ईमानदारी से कार्य करना होगा। नाबार्ड द्वारा पैड उत्पादन की मशीन निश्शुल्क उपलब्ध कराई गई है एवं कच्चा माल भी प्रदान किया गया है, इससे समूह को मदद मिलेगी। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामक्षत्रिय चंद्रवंशी ने कहा कि किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को माहवारी के समय सेनेटरी पैड का उपयोग करने के संबंध में जानकारी देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना का दायित्व महिलाओं का है। महिलाएं बहुत कुछ कर सकती है। बच्चादानी को स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छता रखना आवश्यक है। 0 बेहतर काम देखकर चयन कियानाबार्ड राजनांदगांव के डीडीएम सुनील गावरकर ने कहा कि मेरा पैड मेरा अधिकार ड्रीम प्रोजेक्ट है और छत्तीसगढ़ से राजनांदगांव जिले के गोदावरी स्वसहायता समूह का चयन इसके कार्यों को देखकर किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए पैड उत्पादन मशीन एवं दो माह का कच्चा माल समूह को निःशुल्क दिया गया है। 50 दिनों तक प्रतिदिन के हिसाब से तीन श्रमिकों की राशि भी दी जाएगी। इसके माध्यम से महिलाओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आएगी और महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती गोदावरी निषाद ने कहा कि 16 वर्ष की बालिका का आपरेशन करने के बाद बच्चादानी निकालना पड़ा। उसकी तकलीफ देखकर मन में यह बात आई की बेटियों का स्वास्थ्य बहुत महत्पपूर्ण है और हम सब ने इस दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने नाबार्ड के डीडीएम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार की नींव हैं और दो परिवारों का तारणहार होती हैं। इस समूह से जुड़ी गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं को आजीविका मिलेगी और घर-घर महिलाएं सेनेटरी पैड पहुंचाएगी। बूंद-बूंद राशि बचत कर यहां तक पहुंचे हैं और आगे भी बेहतर कार्य करेंगी। इस अवसर पर एसडीएम अविनाश भोई, जनपद सीईओ एलके कचलाम, सरपंच त्रिज्या बाई वर्मा, समूह की उपाध्यक्ष कविता निषाद, ममता, आरती, गीता, द्रौपती, राजकुमारी, प्रतिमा, दुर्गा, भूमि सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।






