राजनांदगांव मध्यप्रदेश की जिन शराब दुकानों से डोंगरगढ़ के फार्म हाउस में शराब पहुंची है, उनकी पहचान पुलिस ने कर ली है। शराब की पेटियों में लगी बारकोड और बैच नंबर से साफ हुआ है कि यह शराब किन लाइसेंसी ठेकेदारों और दुकानों के लिए आवंटित की गई। लेकिन अब तक पुलिस की कार्रवाई की आंच इन तक नहीं पहुंची है।
पुलिस ने मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन छग में शराब उपलब्ध कराने वाले शराब ठेकेदारों व उनसे जुड़े सप्लायर पुलिस के रडार से बाहर हैं। पुलिस के जांच का दायरा अब तक ऐसे लोगों तक नहीं पहुंचा है। लंबे समय से छग के तस्करों को बेधड़क बड़ी मात्रा में शराब उपलब्ध कराया जा रहा है। शराब की खेप लाइसेंसी दुकानों से निकल रही है। डोंगरगढ़ के फार्म हाउस में भी कंटेनर भरकर शराब की खेप दो से तीन बार पहुंची है। लेकिन उक्त शराब को तस्करों को बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। यही वजह है कि छग के तस्करों को लगातार एमपी से बड़ी मात्रा में आसानी से शराब मिल रही है। डोंगरगढ़ एसडीओपी आशीष कुंजाम ने बताया कि मामला विचेचना में हैं। शराब लेकर आने वाली कंटेनर की तलाश कर रहे हैं।
एमपी के ठेकेदारों की बॉर्डर पर सीधी दखल छग बॉर्डर के हिस्से में एमपी के शराब ठेकेदारों की सीधी दखल है। ठेकेदार के कर्मचारी ही पूरा नेटवर्क तैयार कर छग के तस्करों को बेच रहे हैं। यही वजह है कि तमाम प्रयास और कार्रवाई के बाद भी शराब की तस्करी रुक नहीं रही है। हर कार्रवाई में पुलिस तस्करों तक सीमित हर जाती है। लेकिन डिमांड के मुताबिक बड़ी मात्रा में शराब की खेप बेचने वाले ठेकेदार व दुकानें पहचान के बाद भी कार्रवाई से बच रही हैं।






