राजनांदगांव । शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के हिंदी विभाग द्वारा आयोजित मुक्तिबोध जयंती समारोह में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ विनय कुमार पाठक को मुक्तिबोध सम्मान 2024 प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ राजेश पाण्डेय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में नागपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मनोज पाण्डेय मुख्य वक्ता और पटना से पधारे साहित्यकार डॉ ब्रजभूषण मिश्र विशेष अतिथि थे। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अंजना ठाकुर ने किया।
मुक्तिबोध की १०७वीं जयंती समारोह में सर्वप्रथम प्राचार्य सहित हिंदी विभाग के प्राध्यापकों , विद्यार्थियों और अतिथियों ने त्रिवेणी परिसर स्थित त्रिमूर्ति साहित्यकारों को पुष्पांजलि अर्पित की तत्पश्चात बख़्शी सभागृह में आयोजित व्याख्यान में मुख्य अतिथि डॉ राजेश पाण्डेय ने मुक्तिबोध को संवेदनात्मक ज्ञान और ज्ञानात्मक संवेदना का कालजयी रचनाकार बतायते हुए उनके व्यक्तित्व का बखान किया।
मुख्य वक्ता डाक्टर मनोज पाण्डेय ने मुक्तिबोध के व्यक्तित्व और कृतित्व पर समीक्षात्मक व्याख्यान दिया। इस क्रम में आपने कहा कि मुक्तिबोध की समीक्षा दृष्टि युगीन परिवेश के साथ चुनौती पैदा करने वाली थी। कामायनी जैसे महाकाव्य की आलोचना करने वाले मुक्तिबोध अपने समय के सबसे बड़े विद्रोही आलोचक साबित हुए। विशेष अतिथि डॉ ब्रजभूषण मिश्र ने कहा कि मुक्तिबोध की पहचान तारसप्तक के कवि से हुई लेकिन उनकी प्रोढ़ सृजनात्मक यात्रा प्राध्यापक बनने के बाद ही शुरू हुई। उनके जीवन काल में सिर्फ एक पुस्तक प्रकाशित हो पाई थी।
आयोजन के प्रारंभ में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ शंकर मुनि राय ने कहा कि मुक्तिबोध को याद करना हमारे लिए अपने पुरुखों को याद करने जैसा है। वे हिंदी में प्रगतिशील कविता के पुरोधा हैं और राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ की साहित्यिक संपदा की विरासत भी हैं। डॉ राय ने डॉ विनय कुमार पाठक के सम्मान पत्र को पढ़ते हुए कहा कि उनको सम्मानित करते हुए हम सभी सम्मानित हो रहे हैं। प्राचार्य डॉ अंजना ठाकुर ने कहा कि डॉ पाठक को प्रथम मुक्तिबोध सम्मान से सम्मानित करना हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। डॉ विनय कुमार पाठक ने अपने संबोधन में संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया और मुक्तिबोध के रचनात्मक फलक को संवेदना के साथ चित्रित किया।
इस अवसर पर डॉ बीएन जागृत और डॉ प्रवीण कुमार साहू द्वारा संपादित पुस्तक वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नारी विमर्श का विमोचन किया गया और दिग्विजय महाविद्यालय के तीन पदोन्नत प्राचार्य डॉ अंजना ठाकुर, शबनम खान और डीपी कुर्रे का अभिनंदन करते हुए विदाई दी गई।
समारोह में स्थानीय साहित्यकार आत्माराम कोशाए गिरीश ठक्कर, गिरीश बख़्शी आदि सहित विभागीय प्राध्यापक डॉ नीलम तिवारी, डॉ गायत्री साहू, डॉ वीरेंद्र कुमार साहू, कौशिक बिशी और बड़ी संख्या में शोधार्थी.विद्यार्थी उपस्थिति थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रवीण कुमार साहू और आभार प्रदर्शन डॉ बीएन जागृत ने किया।







