टेड़ेसरा| स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय सोमनी 24 अक्टूबर को जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान पर केंद्रित महोत्सव का आयोजन किया गया। जनजातीय अलंकरणों व पोस्टर से शोभित ऑडिटोरियम में कार्यक्रम हुआ। इसमें मुख्य अतिथि जनजातीय समाज की प्रतिनिधि सुशीला नेताम उपस्थित थीं जो संस्कृत विषय की व्याख्याता के रूप में कार्यरत हैं। आरंभ में प्राचार्य आरके ठाकुर ने जनजातीय समाज के इतिहास व संघर्षों को सबके समक्ष रखा। इसके बाद भौतिकी की सहायक प्राध्यापक निकिता शाह ने जनजातीय समाज के अनसुने व्यक्तित्वों को सामने लाकर प्रोत्साहित करने का आवाहन किया।
सहायक प्राध्यापक मुस्तफा अंसारी ने सुशीला का परिचय दिया। इसके बाद सुशीला ने अपने समस्त अनुभवों और अपने समाज की परम्पराओं के औचित्य पर विस्तारपूर्वक अभिव्यक्त किया। इसी क्रम में बीकॉम, बीएससी बायो की अंतिम वर्ष की छात्राओं ने बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्राओं हेमप्रभा, सेलीना, जया, अंजली, विनय, भूमिका, अर्पिता, दीपा इत्यादि ने नृत्य प्रस्तुत किया। हिन्दी के व्याख्याता सौरभ साहू ने भील जनजाति में जन्मे टंट्या भील की जीवनयात्रा को सबके समक्ष रखा। जनजातीय प्रतीकों, आभूषणों यथा मुकुट, तीर कमान की प्रदर्शनी भी छात्रों ने लगाई, जिसकी सराहना की। कश्यप राठौर और त्रिवेणी साहू ने आभार व्यक्त किया।






