राजनांदगांव शहर में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने 5000 लोगों की जांच का लक्ष्य लेकर एक दिवसीय वृहद कोरोना जांच शिविर का आयोजन आज शहर के 51 वार्डों में किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग स्वस्फूर्थ होकर अपना कोरोना की जांच कराने पहुंचे।
राजनंदगांव नगर निगम सीमा क्षेत्र में एक युद्ध कोरोना के विरूद्ध का स्लोगन लेकर वृहद कोरोनावायरस जांच शिविर का एक दिवसीय आयोजन शहर के 51 वार्डों में किया गया। जिसमें 41 जगहों पर जांच शिविर केंद्र बनाए गए। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित इस वृहद कोरोना जांच शिविर की तैयारी स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने चार-पांच दिनों पूर्व ही शुरू कर दी थी और लोगों को इस एक दिवसीय शिविर में जांच कराने प्रेरित भी किया गया। वहीं कोरोना जागरूकता भी विभिन्न माध्यमों से फैलाई जा रही थी। प्रशासन के द्वारा सर्दी, खांसी, बुखार, जैसेे कोरोना के लक्षण वाले लोगों व बुजुर्गों को इस कोरोना जांच शिविर में आकर जांच कराने की अपील की गई थी। जिसके तहत आज सुबह 9 बजे से शुरू हुए कोरोना जांच शिवर लोग पहुंचे और उन्होंने अपनी जांच कराई। 5000 के लक्ष्य को लेकर जाे अभियान चलाया गया था उसमें 4115 लोगों ने जांच कराई जिसमें 204 कोरोना पॉजीटिव मरीज की पहचान की गई. देखा जाये तो 5.94 प्रतिशत ही मरीज मिले. इससे पूर्व की जांच में 12 प्रतिशत तक मरीजों की पहचान हो रही थी आज के जांच में कम आकडे आने से राहत देखी जा रही हे.
छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा नगर निगम क्षेत्र में चलाए जाने वाली मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के वाहनों को भी इस कोरोना जांच शिविर में मोबाइल वैन के रूप में उपयोग किया गया। इस मोबाइल युनिट में एक डॉक्टर, एक नर्स, लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट की टीम शामिल है जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का कोरोना सैंपल लेकर कोरोना जांच किया। कलेक्टर टीके वर्मा ने कहा कि शासन के द्वारा भेजी गई स्वास्थ्य योजना के वाहनों को ट्रायल के रूप में इस वृहद कोरोना जांच अभियान में लगाया गया है।

एक दिन में ही शहर के इनका 51 वार्डों में एक साथ 5 हजार लोगों की जांच का लक्ष्य लेकर लगभग 10 घंटे की गई इस जांच में अधिकांश लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई, जबकि पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा जांच के आंकड़े से काफी कम रहा। कोरोना जांच शिविर को लेकर मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शहर में 51 जांच केन्द्र बनाये गए हैं और 12 मोबाईल युनिट काम कर रही है।

शहर के विभिन्न वार्डों में लगे इस कोरोनावायरस जांच शिविर का नजारा पोलिंग बूथ की तरह ही नजर आ रहा था जहां पर लोग स्वस्फूर्थ होकर अपना कोरोना जांच कराने पहुंच रहे थे, तो वहीं विभिन्न वार्डों में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों को जांच कराने जाने प्रेरित भी कर रहे थे। वहीं दिन भर विभिन्न जांच केंद्रों में कोरोना संक्रमित मरीजों का परसेंटेज जांच के आधार पर भी निकाला जाता रहा। इस वृहद कोरोना जांच शिविर के माध्यम से राजनांदगांव शहर में कोरोना की चैन को तोड़ने का काम किया गया है, क्योंकि अब तक राजनांदगांव जिले में मिले मरीजों में सबसे ज्यादा राजनांदगांव शहर से ही पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं, ऐसे में राजनांदगांव शहर में प्रशासन के सामने कोरोना के चैन को तोड़ने की बड़ी चुनौती थी। जिसे बृहद कोरोनावायरस जांच का लक्ष्य लेकर पूरा करने की कोशिश की गई, ताकि ज्यादा जांच से ज्यादा मरीज सामने आए और उनको समय पर इलाज मिल सके। प्रशासन के द्वारा आज संक्रमित पाए गए मरीजों को उनके लक्षण के अनुसार कोविद केयर सेंटर व हॉस्पिटल में भर्ती करने का काम किया गया। जिन मरीजों में लक्षण नहीं पाए गए और वह कोरोना संक्रमित थे होने होम आइसोलेशन में रहने की मंजूरी भी दी गई। वहीं पॉजिटिव पाए गए मरीजों के परिजनों की जांच भी कराई गई।
