महतारी वंदन योजना के तहत पात्रता की उम्र को 21 वर्ष से 18 वर्ष कर उन महिलाओं को भी महतारी वंदन योजना का लाभ दिलाने की मांग मेयर हेमा देशमुख ने की है। मंगलवार दोपहर उन्होंने इसी मांग पर कलेक्टर संजय अग्रवाल को एक ज्ञापन भी सौंपा है। साथ ही मोबाइल एप लॉन्च कर निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता पेंशन लेने वाली महिलाओं को सरकार महतारी वंदन योजना की पूरी राशि प्रदान करने की मांग की है। महतारी वंदन योजना के तहत पेंशन की राशि जोड़ कर एक हजार रुपए देने का प्रावधान है।
मेयर हेमा देशमुख ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना आनन-फानन में लागू कर राज्य की महिलाओं के साथ छल करने जो नियम में शर्तें बनाई है उसे समाप्त करने छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष एवं राजनांदगांव की मेयर हेमा देशमुख के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव कुसुम दुबे, शहर अध्यक्ष माया शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष रीना पटेल, प्रतिमा बंजारे, पार्षद दुलारी साहू, पूर्णिमा नागदेवे, प्रवक्ता निकहत परवीन, विद्या तिरपुड़े, ललिता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बेतुकी शर्तें हटाने व नियमों में संशोधन करने की मांग की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल यह ज्ञापन राज्य शासन को प्रेषित करने का आश्वासन दिया है।
बड़ी संख्या में महिलाएं योजना से हो रही वंचित प्रदेश महिला कांग्रेस की महिलाओं ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं महतारी वंदन योजना से वंचित एवं परेशान हो रही है। उनकी परेशानियों को देख हेमा देशमुख ने मोर्चा खोलते हुए महतारी वंदन योजना के अव्यवहारिक नियम शर्तों को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा योजना का लाभ हर विवाहित महिला को मिलने की बातें भाजपा ने मोदी जी की गारंटी के रूप कही है। समाचार पत्रों में प्रचार के साथ विधानसभा चुनाव के दौरान पंपलेट वितरण किया था।
आयकर दाता के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं आयकर दाता के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किया है। आयकर दाता ही इस योजना के अपात्र है या ऐसे पैन कार्ड धारी जिन्होंने आयकर विवरणी नील (शून्य) जमा की है और वे आयकर दाता के श्रेणी में नहीं आते वे पात्र है या अपात्र है। इसका स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसी प्रकार विधवा, परित्यागता, निराश्रित, महिलाएं हैं जिन्हें पेंशन प्राप्त होता है उन्हें भी इस योजना की संपूर्ण राशि नहीं प्रदान की जाएगी यह अन्याय है। राज्य सरकार अब तक हितग्राहियों के लिए मोबाइल एप भी लॉन्च नहीं कर सकी है।







