Home छत्तीसगढ़ राजनांदगांव : शहरी क्षेत्र के अलावा अब ग्रामीण वार्डों में भी अतिक्रमण...

राजनांदगांव : शहरी क्षेत्र के अलावा अब ग्रामीण वार्डों में भी अतिक्रमण हटाने की उठने लगी है मांग

23

अवैध चखना सेंटरों पर कार्रवाई जारी . भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने पहले भी की थी अवैध कब्जे की शिकायत

राजनांदगांव शहरी क्षेत्र के वार्डो के अलावा ग्रामीण वार्डों में अतिक्रमण हटाने बुलडोजर चलाने की जरूरत है। नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने पहले से अपने वार्ड में अतिक्रमण की शिकायत कर रखी है। साथ ही अतिक्रमण तोड़ने की मांग कर रहे हैं। अधिकांश ग्रामीण वार्डों में स्थिति यह है कि कुछ साल पहले ही कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर अवासीय पट्‌टा देने की मांग की है। हालांकि ऐसे मामले में पार्षदों ने दोबारा सर्वे कर असली पात्र लोगों को पट्‌टा प्रदान करने के साथ अवैध कब्जा धारियों का हटाने की मांग की है।

जिलेभर में पहले दिन करीब 85 चखना सेंटरों को ध्वस्त किया गया। दूसरे दिन मेडिकल कॉलेज के सामने एवं गुरुद्वारा रोड के सामने फ्लाईओवर के नीचे से अतिक्रमण हटाया गया। अब शहर के भीतर एवं ग्रामीण वार्डो से भी अतिक्रमण हटाने की मांग उठने लगी है। कई वार्डों में अतिक्रमण के कारण सड़कों का निर्माण अधूरा पड़ा है। जिससे अन्य लोगों को दिक्कतें हो रही है। विकास काम भी थमे पड़े हैं। पार्षदों का कहना है निगम ने शिकायत के बाद भी कार्रवाई करने पर ध्यान नहीं दिया। बजरंगपुर नवागांव के पार्षद राजा तिवारी ने बताया पदायात्री मार्ग में कुछ लोगों ने दुकान एवं मकानों के शेड को सड़कों तक ला रखा है।

पार्किंग की जगह नहीं रहती सड़क की चौड़ाई कम होने से जाम लगता है। अंडरब्रिज के पास स्थिति यही है। कई बड़े हादसे हो चुके है। गलियों में अतिक्रमण बढ़ा है। खाली भूमि में अवैध कब्जा है। निगम आयुक्त अभिषेक गुप्ता ने वार्डो से भी अतिक्रमण हटाने कार्रवाई की जाएगी।

सर्विस रोड के फुटपाथ पर भी हो रहा अतिक्रमण शहर की सर्विस रोड के किनारे पैदल चलने वालों के लिए बने फुटपाथ पर कई व्यापारियों ने अतिक्रमण कर दुकानों का सामान सजा रखा है। कई जगह होटल-ढाबे, ठेले, खोमचे, पानठेले चल रहे हैं। कई स्थानों पर टायर, गैराज का सामान एवं सामान रखा रहता है। इधर शहर के व्यापारियों ने अपनी दुकानों के समाने बने प्लेट फार्म को फुटकर व्यापारियों को किराया में दे रखा है जहां दुकाने सजती हैं। ऐसे में सड़क की चौड़ाई कम हो गई। पार्किंग की जगह नहीं रहती और शहर में जाम की समस्या होने लगती है।

अवैध निर्माण के कारण चौड़ीकरण कार्य अटका बसंतपुर राजीव नगर वार्ड 42 के पार्षद ऋषि शास्त्री ने बताया करीब 30 मकान मालिकों ने 5 साल पहले अपनी निजी जमीन का कुछ हिस्सा 3000 वर्ग फीट सड़क चौड़ी करने निगम को दान में दिया था।

लेकिन चौड़ीकरण, नाली निर्माण का कार्य यहां 6 मकानों के कारण नहीं हो रहा है। बात हाई कोर्ट तक पहुंची हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मामला निगम में अटका पड़ा है। निगम ने 6 मकानों को अवैध घोषित किया था। हाई कोर्ट ने 2 साल पहले आदेश जारी किया कि उक्त मकान विधिवत है तो उन्हें मुआवजा दिया जाए।

Previous articleएमपी में सीएम पर सस्पेंस के बीच किसकी चमकेगी किस्मत, रेस में ये 5 दिग्गज
Next articleराजनांदगांव : भारत संकल्प यात्रा- पीएम ने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से की बातचीत