रायपुर- लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज ने बताया कि छत्तीसढ़ मंे नये जिला गौरेला-पेड्रा-मारवाही को छोड़ कर...
छत्तीसगढ़
रायपुर- राज्य शासन ने बेमेतरा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के विभिन्न कार्यो के लिए 25 करोड़...
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दर्दनाक हादसा हुआ है. एक महिला ने कार ड्राइविंग सीखते समय अपने...
कोण्डागांव- प्रायः ऐसा देखा जाता है कि राजस्व न्यायालयों में न्यायालय के प्रमुख राजस्व अधिकारी अपने अन्य...
रायगढ़-कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए यहां...
जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक बीएसएफ के पूर्व अधिकारी और उसके परिवार का पिछले 21 सालों...
कांकेर- छत्तीसगढ़के बस्तर संभाग के कांकेर जिले के सिटी कोतवाली कांकेर थाने में एक मां पर अपने ही...
लघु वनोपजों और वनौषधियों से वनवासियों को सतत रोजगार देने की नीति पर विचार-विमर्श रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश...
राजनांदगाव 15 जून । जिले में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे है। जिसमे देर रात्रि 6...
कुपोषित बच्चों में 13.79 प्रतिशत की आई कमी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान और एकीकृत प्लान से मिली सफलता...
0 विकास खंड स्तरीय आयोजन में सुने-सुनाए गये यादगार क्षण राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव ‘पढ़ई तुंहर...
फसलों को सुरक्षित रखने किसानों से रोका-छेका की व्यवस्था करने की अपील रायपुर, 14 जून 2020/ मुख्यमंत्री...
मुख्यमंत्री का किया धन्यवाद, क्वारंटीन सेंटर के लिए सुरक्षित भेजे गए जांजगीर-चापा 14 जून 2020 . राज्य...
मुख्यमंत्री ने बस्तर, कांकेर, धमतरी, महासमुन्द, बालोद के उद्योगपतियों के साथ की चर्चा लघु वनोपजों और वनौषधियों...
० 15 साल से बदहाल धान खरीदी केंद्रों को संवारने मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत- पदम कोठारीछत्तीसगढ़...
कोरबा- कोरबा जिले में एक दंपती और उनकी डेढ़ वर्ष की बच्ची घर में फांसी पर लटके...
पलौद में उपस्वास्थ्य केंद्र भवन की घोषणा पर ग्रामीणों ने जताया आभार बरौदा में ग्रामीणों की शिकायत...
बीजापुर- जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने जिले के सभी बीईओ, बीआरसी एवं...
दंतेवाड़ा-जिले के अधिकांश गांव धुर नक्सली, पहाड़ी से घिरे, घने वन, नदी, नालों, दुर्गम रास्तों के मध्य स्थित हैं जहां तक पहुंच...
महासमुंद- जिला चिकित्सालय और कोविड केयर सेंटर में नए प्रारूप के तहत किए जा रहे आमूल-चूल परिवर्तनों में जिला स्तरीय अफसरों के अलावा राज्य स्तर के आला अधिकारी भी विशेष रुचि ले रहे हैं 12 जून 2020 को राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों के चार सदस्यीय टीम मे राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ प्रदीप टण्डन और राज्य सलाहकार डाॅ रणवीर बघेल सहित दो अन्य उच्च स्तरीय विशेषज्ञों ने जिला चिकित्सालय के कोविड और नाॅन कोविड सेक्शन में किए जा रहे बदलावों का आंकलन किया। उन्होने यहा किए जा रहे कार्य की प्रगति को देखकर सराहना करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय के कोविड सेक्शन से शुरूआत की और बारी-बारी सभी कक्षों में भ्रमण किया। सेंट्रल ऑक्सीजन की पाइप लाइन देखी एवं बनाए जा रहे पार्टीशन चैम्बर्स की व्यवस्था में प्रयोग में लाई जा रही नई तकनीक की सराहना भी की। डाॅनिंग और डाॅफिंग क्षेत्र में हुए निर्माण का नक्शा परखा और नहाने के साथ-साथ पीपीई किट बदलने एवं सैनिटाइज्ड होने की जगह का माप लेकर प्रक्रिया के दौरान बरती जाने वाली सावधानी के बारे में अद्यतन जानकारी दी। इसके बाद नाॅन-कोविड सेक्शन के लिए भी ओपीडी एवं आईपीडी में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया। उन्होने कहा कि किसी भी स्थिति में कोविड और नाॅन-कोविड मरीजों के सम्पर्क नही होनी चाहिए । जिस पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ आरके परदल ने उन्हें बताया कि कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के निर्देशन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ रवि मित्तल के मार्गदर्शन में बन रहे इस माॅडल को कई अनुभवी सलाहकारों द्वारा परखा जा चुका है, साथ ही स्वास्थ्य विभाग सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की देख-रेख में कार्यो मे दक्ष और जानकार मिस्त्रियों से काम लिया जा रहा है। इससे आंतरिक परिसर में संक्रमण फैलाव की आशंका नही के बराबर है। इस दौरान टीम के साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार, अस्पताल सलाहकार डाॅ निखिल गोस्वामी और जिला कार्यक्रम समन्वयक उत्तम श्रीवास सहित अन्य विभागीयअधिकारी उपस्थितजिला चिकित्सालय और कोविड केयर सेंटर में नए प्रारूप के तहत किए जा रहे आमूल-चूल परिवर्तनों में जिला स्तरीय अफसरों के अलावा राज्य स्तर के आला अधिकारी भी विशेष रुचि ले रहे हैं। 12 जून 2020 को राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों के चार सदस्यीय टीम मे राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ प्रदीप टण्डन और राज्य सलाहकार डाॅ रणवीर बघेल सहित दो अन्य उच्च स्तरीय विशेषज्ञों ने जिला चिकित्सालय के कोविड और नाॅन कोविड सेक्शन में किए जा रहे बदलावों का आंकलन किया। उन्होने यहा किए जा रहे कार्य की प्रगति को देखकर सराहना करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय के कोविड सेक्शन से शुरूआत की और बारी-बारी सभी कक्षों में भ्रमण किया। सेंट्रल ऑक्सीजन की पाइप लाइन देखी एवं बनाए जा रहे पार्टीशन चैम्बर्स की व्यवस्था में प्रयोग में लाई जा रही नई तकनीक की सराहना भी की। डाॅनिंग और डाॅफिंग क्षेत्र में हुए निर्माण का नक्शा परखा और नहाने के साथ-साथ पीपीई किट बदलने एवं सैनिटाइज्ड होने की जगह का माप लेकर प्रक्रिया के दौरान बरती जाने वाली सावधानी के बारे में अद्यतन जानकारी दी। इसके बाद नाॅन-कोविड सेक्शन के लिए भी ओपीडी एवं आईपीडी में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया। उन्होने कहा कि किसी भी स्थिति में कोविड और नाॅन-कोविड मरीजों के सम्पर्क नही होनी चाहिए । जिस पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ आरके परदल ने उन्हें बताया कि कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के निर्देशन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ रवि मित्तल के मार्गदर्शन में बन रहे इस माॅडल को कई अनुभवी सलाहकारों द्वारा परखा जा चुका है, साथ ही स्वास्थ्य विभाग सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की देख-रेख में कार्यो मे दक्ष और जानकार मिस्त्रियों से काम लिया जा रहा है। इससे आंतरिक परिसर में संक्रमण फैलाव की आशंका नही के बराबर है। इस दौरान टीम के साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार, अस्पताल सलाहकार डाॅ निखिल गोस्वामी और जिला कार्यक्रम समन्वयक उत्तम श्रीवास सहित अन्य विभागीयअधिकारी उपस्थित थे। थे।
