अनलॉक के बाद सबकुछ तो शुरु हो गया है। लेकिन अब भी ट्रेन और बस संचालन को लेकर समस्या खत्म नहीं हो रही है। रेलवे ने जहां लगभग सभी लोकल ट्रेनों का संचालत स्थगित रखा है। वहीं रुटों पर लौटने के बाद भी बसों में यात्रियों का टोटा है।
एक तरफ जहां ट्रेनों के संचालन की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ बस संचालक किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पहले जून से जेडी सहित कुछ लोकल पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था, 3 जून से करीब 8 लोकल ट्रेनों का संचालन रद्द कर दिया गया। इसकी वजह ट्रेनों में यात्रियों की कम संख्या और महाराष्ट्र में लगे लॉकडाउन को बताया गया। इन ट्रेनों से बड़ी संख्या में दैनिक यात्री डोंगरगढ़ से लेकर बिलासपुर तक का सफर करते हैं। अनलॉक के बाद भी लोकल ट्रेन की सेवा शुरू नहीं होने से यात्रियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
बस ऑपरेटर्स ने किराया बढ़ाने की रखी मांग
इधर जिला बस ऑपरेटर संघ ने यात्री किराया बढ़ाने की मांग की है। बस ऑपरेटर्स ने इसके लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें उन्होंने बताया है कि लॉकडाउन के चलते उन्हें पहले ही बड़ा नुकसान हो चुका है, वहीं डीजल के दाम में भी लगातार वृद्धि हुई है। संक्रमण के खतरे के चलते पहले ही बसों में यात्रियों का टोटा है, ऐसे में संचालन में काफी दिक्कत आ रही है।
