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धान खरीदी में एमसीबी जिले ने रचा नया कीर्तिमान 176 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंची

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एमसीबी, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने धान उपार्जन और समर्थन मूल्य भुगतान के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राज्य सरकार की सुविचारित कृषि नीतियों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले की धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के बीच विश्वास को और मजबूत किया है।

जिले में अब तक 15,861 किसानों ने शासन द्वारा संचालित धान खरीदी प्रणाली के माध्यम से अपनी फसल का विक्रय किया है। इस दौरान 7,45,649.20 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया, जो जिले के लिए अब तक का सर्वाेच्च आंकड़ा माना जा रहा है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि किसान बड़ी संख्या में सरकारी खरीदी व्यवस्था से जुड़ रहे हैं और इसे सुरक्षित व लाभकारी मान रहे हैं।

राज्य शासन द्वारा इस वर्ष 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य तय किया गया है, साथ ही प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी का प्रावधान लागू किया गया है। इस नीति का सीधा लाभ छोटे, सीमांत और मध्यम किसानों को मिला है, जिन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में जिले के किसानों को अब तक 176.64 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। इस प्रत्यक्ष भुगतान प्रणाली से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है और किसानों की क्रय शक्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं भरोसेमंद बनाने के लिए टोकन व्यवस्था, डिजिटल तौल प्रणाली, फोटो सत्यापन और रियल-टाइम डेटा एंट्री जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। भुगतान की सीधी बैंक ट्रांसफर व्यवस्था के कारण बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रही और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और प्रशासन की सतत निगरानी में एमसीबी जिला धान खरीदी एवं समर्थन मूल्य भुगतान के क्षेत्र में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 जिले के किसानों के लिए आर्थिक स्थिरता, भरोसे और सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर सामने आया है।

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