राजनांदगांव , एसआईआर सर्वे में बुजुर्ग व अशिक्षित मिहलाओं को अधिक परेशान होना पड़ रहा है। गणना पत्रक भरने के बाद इन्हें डॉक्युमेंट जमा करने नोटिस दिया गया है। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जिनका 2003 की सूची में नाम नहीं है ,वहीं इनके मायके के रिकार्ड में भी माता-पिता का नाम नहीं मिल रहा है।
सबसे अधिक समस्या 50 प्लस उम्र वाली महिलाओं और अशिक्षित महिलाओं के साथ हो रहा है। जो लंबे समय तक रोजी-मजदूरी के लिए दूसरे प्रदेशों में थी। 2003 की मतदाता सूची में इनका नाम नहीं हैं। वहीं माता-पिता की मौत भी काफी पहले हो चुकी है, जिसकी वजह से उनके मायके में भी वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम नहीं मिल रहा है।
शिक्षित नहीं होने की वजह से पढ़ाई से जुड़ा कोई दस्तावेज भी मौजूद नहीं है। जिसकी वजह ने इनका फार्म रिजेक्ट हो रहा है। जारी नोटिस में सबसे अधिक मामले ऐसे ही सामने आ रहे हैं। प्रशासन के पास भी इन्हें वोटर लिस्ट में शामिल करने कोई दूसरा विकल्प नहीं मौजूद नहीं है। 2003 के बाद इन्होंने वोट किया है, लेकिन बाद के वोटर लिस्ट को मान्य नहीं किया गया है।
महिलाओं-बुजुर्गों को कतार से राहत, दी गई प्राथमिकता: भास्कर ने 12 जनवरी के अंक में नोटिस के बाद सुधार के लिए लग रहे कतार और इससे परेशान हो रहे बुजुर्गों व महिलाओं को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। खबर के बाद सुधार के लिए पहुंच रही महिलाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।
दस्तावेज सत्यापन के लिए भी जारी कर दिया नोटिस गणना पत्रक भरने के दौरान ज्यादातर वोटर्स ने पूरे डॉक्यूमेंट भी जमा किया है। लेकिन ऐसे वोटर्स को भी नोटिस जारी कर दिया गया है। जिसमें नोटिस की वजह दस्तावेजों का सत्यापन बताया गया है। इससे वोटर्स की परेशानी बेवजह बढ़ गई है।
उन्हें पूरे दिन कतार में लगना पड़ रहा है। सभी दस्तावेज सही होने के बाद भी सत्यापन के लिए नोटिस जारी करने से भी वोटर्स में नाराजगी है। रोजाना हर काउंटर में 150 से 200 लोगों की लाइन लग रही।







