डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत आरगांव और नगर समीप कोहका ग्राम पंचायत ने नशामुक्ति और सामाजिक अनुशासन के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। दोनों गाँवों की बैठकों में ग्रामवासियों की सहमति से प्रस्ताव पारित कर सख्ती से लागू करने की घोषणा की गई।
आरगांव का निर्णय।
ग्राम पंचायत आरगांव में सरपंच लिकेश गंधर्व, उपसरपंच तुलेश्वर साहू, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष बिसेसर साहू, सचिव हेमंत साहू समेत सदस्यगण व ग्रामीणों की उपस्थिति में यह तय किया गया कि गाँव में नशा, जुआ और मोबाइल गेम की लत पर रोक लगाई जाएगी। पंचायत ने चौक-चौराहों पर दारू या गांजा पीने, ताश खेलने और फ्री फायर गेम खेलने पर सख्त दंड का प्रावधान किया है।
- दारू या गांजा पीते पाए जाने पर ₹5000 जुर्माना, सूचना देने वाले को ₹3000 इनाम।
- सार्वजनिक स्थलों पर ताश खेलने वालों पर ₹5000 दंड।
- चौक-चौराहों पर फ्री फायर खेलने वालों पर ₹5000 जुर्माना।
- दारू पीकर झगड़ा या गाली-गलौज करने वालों पर ₹5000 दंड।

कोहका का ऐतिहासिक कदम
वहीं ग्राम कोहका के शीतला मंदिर प्रांगण में आयोजित विशेष बैठक में ग्रामवासियों ने पूर्ण शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया। बड़ी संख्या में महिलाएँ और पुरुष उपस्थित रहे। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस शिकायतों के बावजूद अवैध शराब बिक्री बंद नहीं हो रही थी। ऐसे में अब सामूहिक रूप से ठान लिया गया है कि गाँव में किसी भी तरह की शराब की बिक्री या सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। शराब बेचने वालों से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई गई और मंदिर प्रांगण में कसम खिलाई गई। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई भी शराब की बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ सामूहिक कार्यवाही की जाएगी।
आरगांव और कोहका के इन निर्णयों से ग्रामवासियों में उत्साह और एकजुटता का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि इससे गाँव में नशामुक्ति, अनुशासन, शांति, स्वास्थ्य और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा।
