डोंगरगांव। ग्राम नरेटीटोला में रविवार को शारीरिक बीमारी से तंग आकर 45 वर्षीय सावित्री बाई ने अपने शरीर पर मिट्टी तेल उड़ेलकर आत्महत्या कर ली। खबर सुनकर पति राजीव सागर दौड़े-दौड़े घर पहुंचा। पत्नी के शरीर को जला देख सदमे में आ गया और उसकी मौत हो गई। एक साथ दो मौत होने के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है। मामले में गैंदाटोला पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।
गैंदाटोला थाना प्रभारी अमृत साहू ने बताया कि सावित्री बाई बीमारी के कारण परेशान रहती थी। उसे हमेशा सिर दर्द, कम दिखने की समस्या थी। अन्य कारणों से भी मानसिक रूप से परेशान रहती थी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार काफी इलाज के बाद भी उसकी परेशानियां कम नहीं हो रही थीं, जिसकी वजह से पहले भी वह एक-दो बार अपना जीवन समाप्त करने का प्रयास कर चुकी थी। पुलिस ने बताया कि पत्नी की आत्महत्या की खबर बाहर रहकर काम करने वाले उनके पति राजीव सागर को दी गई। घर पहुंचकर जैसे ही राजू ने पत्नी को देखा, धड़ाम से गिर पड़ा, फिर उठ नहीं पाया। आसपास के लोग उसे सरकारी अस्पताल डोंगरगांव लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित
कर दिया।
पुलिस ने पीएम के बाद शवों को परिजनों को सौंपा दिया। शाम को दोनों का अंतिम संस्कार स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया। घर पर में अब राजू सागर की माता, एक 20 वर्षीय पुत्र तथा एक 18 वर्षीय पुत्री है। राजू सागर भाजपा से जुड़ा हुआ था और मंडल भाजपा कुमरदा के विभिन्ना पदों पर भी काम कर चुका था। उसके निधन पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों, नेताओं तथा क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
